हिंदी सिनेमा में आज महिलाएं पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए आगे बढ़ रही हैं। आज सिनेमा के क्षेत्र में महिलाएं सिर्फ अभिनेत्री बनकर ही नही बल्कि निर्देशक, निर्माता, कैमरापर्सन, होस्ट जैसे कई काम सहजता से संभाल रही हैं। हालांकि पहले के समय में महिलाओं के लिए फिल्मों में आना आसान नहीं था। इस इंडस्ट्री में काम करने वाली महिलाओं को गलत समझा जाता था। उस दौर में देविका रानी ने अभिनेत्री बनकर लड़कियों के लिए इंडस्ट्री में रास्ते खोले थे। उन्हें भारतीय सिनेमा की पहली स्टार अभिनेत्री कहा जाता है।
ड्रैगन लेडी के नाम से मशहूर थीं भारतीय सिनेमा की पहली स्टार देविका रानी, बोल्डनेस से मचाया था तहलका
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देविका रानी 9 साल की उम्र में ही पढ़ाई करने के लिए इंग्लैंड गईं थीं। वहां से उन्होंने रॉयल अकादमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट में एक्टिंग की पढ़ाई की थी। वो जर्मन सिनेमा से बहुत प्रभावित थीं और अभिनेत्री मार्लिन डीट्रिच को काफी फॉलो करती थीं। देविका रानी ने ही भारतीय सिनेमा को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर ले जाने का काम किया था। उनके अभिनय की तुलना ग्रेटा गार्बो से की गई थी इसलिए उन्हें 'इंडियन गार्बो' भी कहा जाता था।
देविका रानी स्वभाव से काफी गर्म मिजाज की थी इसलिए उन्हें 'ड्रैगन लेडी' भी कहते थे। आज जहां अभिनेत्रियों को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए ज्यादा से ज्यादा फिल्मों का हिस्सा बनना पड़ता है तो वहीं अपने 10 साल के करियर में देविका रानी ने महज 15 फिल्मों में काम किया था। 1936 में आई फिल्म 'अछूत कन्या' में देविका ने एक दलित लड़की का किरदार निभाया था। इस फिल्म के बाद उन्हें 'फर्स्ट लेडी ऑफ इंडियन स्क्रीन' की उपाधि दी गई थी।
सरोजिनी नायडू और देविका में अच्छी दोस्ती थी। बताया जाता है कि उनके कहने पर ही पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 'अछूत कन्या' फिल्म देखी थी। वो इस फिल्म से इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने देविका के नाम फैन लेटर लिखा था और बाद में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित भी किया गया था। लंदन के समाचार पत्र में भी उनकी खबरें छपा करती थीं जहां उनके अभिनय और खूबसूरती की तारीफ होती थी।
दिलीप कुमार को इंडस्ट्री में लाने का श्रेय देविका रानी को ही दिया जाता है। दिलीप डॉक्टर मसानी के साथ बॉन्मे टॉकीज के स्टूडियो गए थे जहां देविका रानी ने उनसे पूछा था कि क्या वो एक्टर बनना चाहते हैं। इसके लिए आपको 1250 रुपये महीने की सैलरी मिलेगी। इसके बाद उन्होंने दिलीप कुमार को अशोक कुमार से मिलवाया और कहा कि इस लड़के को अभिनेता के रूप में भर्ती कर लो। उन दिनों राज कपूर महज 170 रुपये में काम कर रहे थे। जब दिलीप और राज कपूर की बात हुई तो दिलीप ने उन्हें अपनी सैलरी के बारे में बता दिया। इस पर राज कपूर देविका रानी के पास पहुंचे और बोले कि मेरे सैलरी दिलीप से कम क्यों है? इस पर देविका रानी ने कहा था कि, 'तुम दोनों ही नौसीखिए हो और नौसीखियों की कोई एक कीमत नहीं होती। बस ये बात राजकपूर को बुरी लग गई और उन्होंने वहां से काम छोड़ दिया'।