हर नया साल तमाम उम्मीदें और तमाम इरादे लेकर आता है। नया साल बीती बातों के सबक याद कर नया सफर भी तय करने को होता है। सिनेमा के तीन बड़े सितारे नए साल पर अमर उजाला के पाठकों को बता रहे हैं ऐसे सबक जो जीवन में नई राह दिखाते हैं।
EXCLUSIVE: इन सितारों ने बताए 2020 में खुशहाली के तीन मंत्र, अमल करेंगे तो होगा Happy New Year
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मेहनत के अलावा दूसरा कोई शॉर्टकट नहीं
दीपिका पादुकोण
“जब तक मैंने बैडमिंटन खेला, मेरी दिनचर्या थी, सुबह 5 बजे सोकर उठना, व्यायाम करना, बैंडमिंटन खेलना, स्कूल जाना, लौटकर आकर फिर बैडमिंटन खेलना, पढ़ना और सो जाना। सिनेमा में आने के बाद बस बैडमिंटन की जगह फिल्में हो गई हैं। अब भी मैं हर दिन कम से कम 16 घंटे काम जरूर करती हूं। ये काम फिल्मों की शूटिंग हो, इन्हें लेकर लोगों से मिलना हो या फिर इनकी तैयारी करना हो, मेहनत उतनी ही होती है। मैं नए साल पर यही कहना चाहती हूं कि कामयाबी पाने के लिए मेहनत के अलावा दूसरा कोई शॉर्टकट नहीं है। कामयाब लोगों की तरफ देखते हुए बस ये न देखें कि वह कहां हैं, ये भी देखें कि ये लोग वहां तक कितनी मेहनत करके पहुंचे हैं। उस मेहनत को अपनाना जरूरी है।”
सलमान खान
“सबको साथ लेकर चलना। सबकी बातें सुनना और सबके लिए जो बन पड़े वो करना। परिवार की ताकत इसी तरह बनती है। अगर आज के समय में आपका परिवार साथ है तो आप सबसे ताकतवर हैं। सिनेमा में मुझे तीन दशक हो चुके हैं और मैं ये मानता हूं कि हर दिन हमारे जीवन में एक नया मौका लेकर आता है। ये मौका होता है खुद को पहले से बेहतर करने का। लोग हमारे लिए क्या कुछ कर सकते हैं, इससे पहले ये सोचना जरूरी है कि लोगों के लिए हम क्या कुछ कर सकते हैं। अपने भीतर कुछ न कुछ ऐसा हुनर विकसित करना भी जरूरी है जो आपको दूसरों से अलग बनाए। कामयाबी की सीढ़ी की पहली पायदान यही है कि आप खुद को दूसरों से भिन्न कैसे बना सकते हैं?”
रिश्तों का संतुलन ही जिंदगी का असली राग
अजय देवगन
“लोग मुझसे पूछते हैं कि मेरी और काजोल की सफल विवाहित जिंदगी का राज क्या है और क्या मैं लोगों को इस बारे में कोई सलाह दे सकता हूं। मेरा यही कहना है कि मैं किसी को कोई सलाह नहीं दे सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि सबकी स्थितियां अलग हैं, सबका जीवन अलग है और सबका नजरिया अलग है। लेकिन, इसके बावजूद मेरा ये मानना है कि सबको रिश्तों का संतुलन खुद ही बनाना चाहिए। यही जीवन के रस का असली राग है। काम और घर की जिम्मेदारियों का संतुलन कोई आपको सिखा नहीं सकता। हमारी कोशिश यही होनी चाहिए कि हमारा काम दूसरों के चेहरों पर मुस्कान ला सके।”
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