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कंगना से लेकर अनुराग कश्यप तक, इंडस्ट्री को क्यों रास नहीं आते बेबाक बोल?
BBC हिंदी
Updated Sun, 16 Sep 2018 02:58 PM IST
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kangna ranaut
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'पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर नहीं करते', ये कहावत हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में भी काफी फिट बैठती है। बॉलीवुड में शायद ही कोई कलाकार एक-दूसरे पर हमला करते दिखते हैं। यहां हर कलाकार एक-दूसरे की प्रशंसा करता नजर आता है। जिसने इस पंरपरा को तोड़ा है उसके करियर में ग्रहण-सा लग गया। कंगना रनौत ने मशहूर फिल्मकार करन जौहर पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया तो इस पर बहस लंबी खींच गई और इस मामले में कंगना अलग-थलग सी पड़ती हुई नजर आने लगीं।
पिछले साल कंगना की फिल्म सिमरन आई थी, लेकिन परदे पर बहुत दिनों तक टिक नहीं पाई। इस विवाद के कारण कंगना के भविष्य को लेकर बातें होने लगीं। फिलहाल कंगना के पास 'मणिकर्णिका' फिल्म है। हालांकि लोगों की आशंका अब भी बनी हुई है कि अगर यह फिल्म सफल हो भी गई तो क्या कंगना से जुड़े विवाद खत्म हो जाएंगे।
फिल्म इंडस्ट्री, जहां लोग बड़े दिग्गजों के बारे में बुरा कहने से कतराते है। वहीं कुछ ऐसे किस्से हुए हैं जब किसी सिलेब्रिटी ने किसी बड़े दिग्गज के बारे में कुछ कहा हो और उनके फिल्मी करियर पर उसका बुरा प्रभाव न पड़ा हो।
फिल्म इंडस्ट्री, जहां लोग बड़े दिग्गजों के बारे में बुरा कहने से कतराते है। वहीं कुछ ऐसे किस्से हुए हैं जब किसी सिलेब्रिटी ने किसी बड़े दिग्गज के बारे में कुछ कहा हो और उनके फिल्मी करियर पर उसका बुरा प्रभाव न पड़ा हो।
सबसे मशूर किस्सा विवेक ओबेरॉय का है। साल 2002 में विवेक ओबेरॉय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राम गोपाल वर्मा की फिल्म कंपनी से की। उसी साल उनकी यश चोपड़ा के बैनर तले बनी फिल्म साथिया भी रिलीज हुई। विवेक को फिल्म इंडस्ट्री के आने वाले दौर का चमकता सितारा माना जाने लगा। लेकिन साल 2003 में विवेक ओबेरॉय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने सलमान द्वारा 41 बार फोन कॉल करने की बात कही जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। ये प्रेस कॉन्फ्रेंस उनके करियर के लिए बहुत ही महंगी साबित हुई। फराह खान के शो में विवेक ने माना की उस प्रेस कांफ्रेंस का असर उनके करियर पर पड़ा और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने विवेक से दूरी बना ली।
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90 के दशक की बोल्ड अभिनेत्री मानी जाने वाली ममता कुलकर्णी ने फिल्म चाइना गेट के निर्देशक राजकुमार संतोषी पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। कथित तौर पर इस फिल्म में ममता का रोल था और उसमें उन्हें छम्मा-छम्मा गाना भी करना था, पर निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ कुछ अनबन हो गई और ममता को फिल्म से 'निकल दिया गया'।
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कहा जाता है कि इसके बाद अंडरवर्ल्ड के दबाव के चलते ममता को फिल्म में दोबारा लिया गया। फिल्म रिलीज हुई और फ्लॉप हो गई। फिल्म रिलीज के बाद ममता ने निर्देशक राजकुमार संतोषी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया जिसके बाद फिल्म इंडस्ट्री ने उनसे दूरी बनाई और उन्हें काम मिलना बंद हो गया।