किसान आंदोलन की गूंज विदेशों तक पहुंच चुकी है और ऐसे में कई विदेशी सेलेब्स और कार्यकर्ता इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जहां एक तरफ अमेरिकन सिंगर रिहाना के ट्वीट पर भारत में बयानबाजी चल रही है। तो वहीं स्वीडिश जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने किसान आंदोलन के समर्थन में एक ट्वीट किया था। लेकिन इस ट्वीट को करने के कुछ देर बाद ही ग्रेटा ने इसे डिलीट कर दिया। जिसके बाद वो सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रही हैं।
ग्रेटा थनबर्ग ने किसान आंदोलन को सपोर्ट करने के लिए कैंपेन का प्लान ट्वीट कर किया डिलीट, हुईं ट्रोल
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दरअसल, ग्रेटा ने किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट करते हुए लिखा था, 'हम भारत में चल रहे किसान आंदोलन के साथ एकजुटता से खड़े हैं।' इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया, जिसमें गूगल डॉक्युमेंट फाइल शेयर की गई थी। इस फाइल में सोशल मीडिया कैंपेन का शेड्यूल शेयर किया गया था। इतना ही नहीं इस फाइल को शेयर करते हुए ग्रेटा ने टूलकिट शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके साथ ही इसमें भारत सरकार पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बनाने की की कार्ययोजना भी साझा की गई थी। जिसके चलते वह ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई हैं।
We stand in solidarity with the #FarmersProtest in India.
https://t.co/tqvR0oHgo0
इस ट्वीट को करने के कुछ देर बाद ही ग्रेटा ने इसे डिलीट कर दिया था। लेकिन कुछ लोगों ने इस फाइल के स्क्रीनशॉट ले लिए थे। जो कि सोशल मीडिया पर जमकर शेयर होने लगे। ग्रेटा द्वारा साझा की गई फाइल की भाषा को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठाये जा रहे हैं। लोगों ने कहा कि ग्रेटा भी शायद मुहिम का हिस्सा हैं।
तो वहीं ग्रेटा के इस ट्वीट पर एक्ट्रेस कंगना रणौत की प्रतिक्रिया भी आ गई। उन्होंने लिखा, 'इस बेवकूफ लड़की ने लेफ्ट वालों के लिए सबसे बड़ी गलती कर दी है। भारत को अस्थिर करने के उनके इंटरनेशनल प्लान को ट्वीट कर दिया है, जो कॉन्फिडेंशियल रहा है। सब पप्पू एक ही टीम में हैं, हाहाहा। जोकरों का समूह।'
This dumbo kid made the biggest blunder for left pimps... attached the confidential document of international plan to systematically unstable India ... sab Pappu ek he team mein hain ha ha ha ... bunch of jokers https://t.co/6svqedfv3R
बता दें कि रिहाना के बाद जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग, अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस और अन्य ने किसानों के मुद्दे पर अपनी राय रखी थी। जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि ‘इस तरह के मामलों पर टिप्पणी करने से पहले, ये आग्रह किया जाता है कि तथ्यों को जाना जाए और मुद्दों की उचित समझ बनाई जाए। सनसनीखेज सोशल मीडिया हैशटैग और टिप्पणियों का प्रलोभन, खासकर जब मशहूर हस्तियों और अन्य लोगों द्वारा होता है, वे न तो सटीक और न ही जिम्मेदार होता है।'