द कश्मीर फाइल्स के बाद जमकर सुर्खियों में आए इस फिल्म के निर्माता विवेक अग्निहोत्री एक बार फिर से चर्चा का विषय बने हुए हैं। दरअसल बीते दिनों निर्माता की फिल्म द कश्मीर फाइल्स को फिल्मफेयर नॉमिनेशंस में 7 अलग-अलग कैटेगरी के लिए नॉमिनेट किया गया, लेकिन उन्होंने अवॉर्ड शो से कुछ घंटे पहले ही इसका बहिष्कार करते हुए ट्वीट किया था। कंगना के बाद विवेक अग्निहोत्री ने यह कदम उठाया था। अब हाल ही में अभिनेता गुलशन देवैया ने विवेक अग्निहोत्री की पोल खोली है।
Vivek Agnihotri: 'ट्वीट के बाद व्हाट्सएप पर क्यों...', फिल्मफेयर मामले पर इस अभिनेता ने ली निर्देशक की चुटकी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीते दिनों विवेक अग्निहोत्री ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक न्यूज आर्टिकल शेयर किया था, जिसमें लिखा था कि विवेक अग्निहोत्री ने विनम्र अंदाज में 'अनैतिक' और 'सिनेमा विरोधी' अवॉर्ड शो का हिस्सा बनने से साफ तौर पर इनकार कर दिया। इस मामले पर हंटर फिल्म में नजर आ चुके अभिनेता गुलशन देवैया ने रिट्वीट किया है।
इसे भी पढ़ें- द माइंड दैट मैटर्स: महिलाओं से भेदभाव के खिलाफ संघर्ष और सफलता की कहानी बयां करती है यह डॉक्यूमेंट्री
अभिनेता ने कहा, 'डियर गुड सर, एक छोटा सा संदेह है... आपने अपने अवॉर्ड को लेकर विनम्र से इंकार करने वाली बात को ट्वीट किया और उसे व्हाट्सएप पर अपने कांटेक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को भेज दिया। मैं लकी हूं कि मैं भी आपकी लिस्ट में हूं, तो मुझे भी यह मैसेज मिला है।'
गुलशन देवैया ने आगे कहा, 'सर आपका धन्यवाद, आपके मैसेज देखकर मुझे हमेशा अच्छा लगता है, लेकिन क्यों? नहीं, नहीं सर.. मेरा मतलब ये है कि आप जो ट्वीट कर रहे हैं उसे आप बिल्कुल करें, लेकिन उसे आप अपने व्हाट्सएप कांटेक्ट लिस्ट में क्यों भेज रहे हैं।'
बता दें कि बीते दिन विवेक अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा था, 'फिल्मफेयर के अनुसार सितारों के अलावा किसी का कोई चेहरा नहीं है। फिल्मफेयर की अनैतिक और चापलूस दुनिया में संजय लीला भंसाली और सूरज बड़जात्या जैसे निर्देशकों का कोई चेहरा नहीं है। फिल्मफेयर के लिए भंसाली का चेहरा आलिया भट्ट हैं, बड़जात्या का चेहरा अमिताभ बच्चन हैं और अनीस बज्मी का चेहरा कार्तिक आर्यन हैं। ऐसा नहीं है कि फिल्ममेकर्स का सम्मान इन पुरस्कारों से तय होता है, लेकिन यह अपमानजनक प्रक्रिया बंद होनी चाहिए।'