म्यूजिक कंपोजर और सिंगर अनु मलिक सिंगिंग रियलिटी टीवी शो इंडियन आइडल में बतौर जज वापसी करने के बाद से ही लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में सिंगर नेहा भसीन, सोना महापात्रा और श्वेता पंडित ने सोशल मीडिया पर अनु मलिक पर आरोप लगाए थे। लेकिन अब 'चली चली फिर हवा चली', 'आवारा भंवरे' और 'बादल पे पांव है' जैसे गानों को आवाज देने वालीं सिंगर हेमा सरदेसाई ने अनु मलिक के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
#MeToo के आरोपों से घिरे अनु मलिक के बचाव में उतरी ये सिंगर, कहा- ताली एक हाथ से...
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सोशल मीडिया पर हेमा सरदेसाई ने लिखा, 'सालों पहले जब इंडस्ट्री में मेरा संघर्ष जारी था, मैं एकमात्र गायिका थी जिसने साफ तौर पर सार्वजनिक रूप से कहा था कि मैंने गानों के लिए अपने मूल्यों से समझौता करने से इनकार कर दिया है। फिर बाकी सभी चुप क्यों थे? और वे इतने सालों से चुप क्यों हैं? मेरे मजबूत सिद्धांतों के बावजूद, मुझे अनु मलिक द्वारा निर्देशित कई ब्लॉकबस्टर हिट गाने मिले।'
हेमा ने पोस्ट में आगे लिखा,'अगर डिसेंट सिंगर्स में से एक मैंने अनु मलिक के कुछ महान गीत गाए हैं, तो यह साबित करता है कि उनमें एक महान कलाकार हैं, जिन्होंने सच्ची प्रतिभा का सम्मान किया और जिन्होंने मुझे केवल मेरी योग्यता के आधार पर गाने दिए।मैं कुछ सिंगर्स से पूछती हूं जो उनके खिलाफ बात कर रहे हैं... आप इतने सालों से चुप क्यों थे? क्या आप उन सभी अन्य म्यूजिक डायरेक्टर्स को 'भगवान' कहने की कोशिश कर रहे हैं, जिनके साथ आपने काम किया था?'
पोस्ट के आखिरी में हेमा ने लिखा, 'अगर प्रचार के लिए आप उस पर पत्थर फेंक रहे हैं, तो यह स्वीकार्य नहीं है। मैं उन जाने माने सिंगर्स से पूछती हूं, जिन्हें उनके अधिकांश बड़े गाने मिले, तो आप आज चुप क्यों हैं, जब आपको उनके साथ खड़ा होना चाहिए? मेरा मतलब है कि तालियां दो हाथों से बजती है? जब इस इंडस्ट्री के सबसे रेयरेस्ट डेस्ट मोस्ट सिंगर में से एक पर कुछ कहता है .. संबंधित लोगों को बैठना चाहिए और इस पर ध्यान देना चाहिए।'
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दरअसल श्वेता ने नेहा भसीन के एक ट्वीट के जवाब में लिखा, '2019 में भी, हम पीड़ितों से ही सवाल किया जा रहा है। दो दशकों से इस इंडस्ट्री में प्रोफेशनल सिंगर होने के बाद भी, कुछ संकीर्ण दिमाग वाले पूछ रहे हैं, हमने तब क्यों नहीं किया? वास्तव में लूजर्स? कल्पना कीजिए कि अगर मैं 2001 में स्कूल की बच्ची होता तो मैं क्या बोलती? #MeToo के लिए भगवान का शुक्र है।'
Even in 2019, we are being questioned as victims,after myself being a professional singer in this industry for 2 decades-some narrow minds-why we didnt speak then?Really losers? Imagine what would happen off me if i did speak in 2001 when i was a school kid? Thank God for #MeToo https://t.co/7EEytDozpA