भारतीय इंडस्ट्री के जाने-माने संगीतकार इलैयाराजा साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी पहचान रखते हैं। अपने करियर में एक से बढ़कर एक गाने देने वाले इलैयाराजा के गाने लोगों की जुबान पर आज भी चढ़े हुए हैं। बॉलीवुड में अपनी खास पहचान रखने वाले इलैयाराजा को इंडस्ट्री में म्यूजिक माएस्ट्रो के नाम से भी जाना जाता है। बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री में अपनी धाक जमाने के बाद यह म्यूजिक माएस्ट्रो अब राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने उतर रहे हैं। हाल ही में इलैयाराजा को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं सदाबहार गाने देने वाले इलैयाराजा की जिंदगी में बहुत से दिलचस्प किस्से रहे हैं। इनके जीवन का सबसे अहम किस्सा उनके जन्म की तारीख से जुड़ा हुआ है। आइए जानते हैं कि इलैयाराजा अपना जन्मदिन कब और क्यों मनाते हैं।
Ilaiyaraaja: दो जून को बर्थडे मनाते हैं तीन जून को पैदा हुए इलैयाराजा, बेहद दिलचस्प है इसके पीछे की कहानी
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क्यों बदला अपना जन्मदिन?
बॉलीवुड इंडस्ट्री को सैंकड़ों सदाबहार गानों से नवाजने वाले संगीतकार इलैयाराजा के लिए आज का दिन बहुत बड़ा साबित हुआ है। इस कारण से इलैयाराजा आज चर्चाओं में आ गए हैं। वह इससे पहले भी कई बार सुर्खियां बटोर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ कर विवादों में घिरने वाले इस म्यूजिक माएस्ट्रो के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन यानी जन्मदिन किसी और दिन मनाते हैं। बता दें कि इलैयाराजा का जन्म 3 जून को मध्य प्रदेश के मदुरई में हुआ था। लेकिन उन्होंने कलैगनार करुणानिधि को सम्मानित करने के लिए तीन जून के बजाय दो जून को अपना जन्मदिन मनाना शुरू कर दिया था। कलैगनार करुणानिधि वह व्यक्ति थे, जिन्होंने उन्हें इसाईगनानी की उपाधि दी थी। इलैयाराजा ने यह फैसला दिवंगत राजनेता को सम्मान देने के लिए किया था। दरअसल, कलैगनार करुणानिधि का जन्मदिन भी दो जून को ही होता है।
कौन थे कलैगनार करुणानिधि?
कलैगनार करुणानिधि भारतीय राजनीति में ऐसे चंद नेताओं में शुमार थे, जिन्होंने इस क्षेत्र में अपार सफलताएं हासिल की थी। वह तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर भी जाने जाते हैं। करुणानिधि राजनीति में आने से पहले तमिल सिनेमा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके थे। इंडस्ट्री में उनकी पहचान एक धुरंधर पटकथा लेखक के रूप में थी। फिल्मों में पटकथा लेखक के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले करुणानिधि को समाजवादी और बुद्धिवादी आदर्शों को बढ़ावा देने वाली ऐतिहासिक और सामाजिक कहानियां लिखने के कारण भी जोरदार कामयाबी मिली थी। इसकी वजह से वह राजनीति के साथ-साथ सिनेमा में भी सभी के प्रिय थे।
ऐसा रहा इलैयाराजा का करियर
7000 से ज्यादा गानों की धुन तैयार कर चुके इलैयाराजा बॉलीवुड में सदमा फिल्म के गाने 'ए जिंदगी गले लगा ले' से मशहूर हुए थे। इस गाने को आज तक लोग अपने दिलों से नहीं निकाल पाए हैं। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनका सफर काफी सुनहरा रहा है, जिसमें उन्होंने कई सम्मान भी अपने नाम किए हैं। 2015 में इलैयाराजा को 1000 फिल्मों में संगीत देने के लिए अमिताभ बच्चन, रजनीकांत और कमल हासन ने सम्मानित किया था। इतना ही नहीं साल 2018 में इलैयाराजा को देश के सबसे बड़े सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।