विवादों ने शाहरुख खान की छवि को धूमिल करने में खासा योगदान दिया है। सलमान खान से नाराजगी-दोस्ती, शिरीष कुंदर से मारपीट, वानखेड़े स्टेडियम में गाली-गलौज, सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान जैसे कई कारण रहे, लेकिन राजनीति ने भी शाहरुख को विवादित शख्सियत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी...
शाहरुख ने खेती की जमीन पर बना डाला शानदार बंगला, IT विभाग ने लिया आड़े हाथ
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सितारे सिर्फ लोगों का प्यार चाहते हैं, लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। उन्हें कई बार स्टारडम की कीमत चुकानी पड़ती है। कई सितारे धीरे-धीरे संतुलन बनाना सीख लेते हैं, लेकिन कुछ सितारों में कोई ऐसी बात होती है, जिसके कारण वे नकारात्मक खबरों में आ ही जाते हैं। कभी बॉलीवुड के नंबर वन और खुद को बादशाह खान कहने वाले शाहरुख में भी कोई बात है, जो न चाहते हुए भी उन्हें विवादों का हिस्सा बना देती है। सबसे ताजा मामला शाहरुख को आयकर द्वारा भेजे गए, उस नोटिस का है जिसमें कहा गया है कि उन्होंने मुंबई में 1900 वर्गमीटर की खेती योग्य भूमि का गलत इस्तेमाल करते हुए बंगला ‘देजा वू फार्म’ बनाया। बंगले को इनकम टैक्स अधिकारियों ने बेनामी संपत्ति कानून के तहत 'अटैच' कर लिया है। फिर यह सवाल उठ रहा है कि क्या शाहरुख पुनः अपने स्टारडम की कीमत चुका रहे हैं?
नवंबर 2017 में शाहरुख ने अपना जन्मदिन मुंबई के अलीबाग में जोर-शोर से मनाया था। वहां तमाम बॉलीवुड सितारे पहुंचे थे। इसी दौरान वह घटना हुई थी, जिसे शाहरुख भुलाना चाहेंगे। शाहरुख समुंदर के रास्ते नाव में अलीबाग पहुंचे थे। किनारे पर नाव लगी थी और वह अंदर फोन पर लंबी बात कर रहे थे। इसी दौरान महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य और पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी के लीडर जयंत पाटिल को अलीबाग से गेटवे ऑफ इंडिया निकलना था। शाहरुख की नाव के पीछे पाटिल की नाव इंतजार कर रही थी कि कब किनारे लगने की जगह मिलेगी। काफी देर तक शाहरुख नहीं निकले और उनकी नाव नहीं हटी, तो पाटिल नाराज हो गए। गुस्से में उन्होंने शाहरुख की नाव पर पैर रखे और उसे पार करते हुए अपनी नाव पर पहुंचे। वह इतने गुस्से में थे कि अपनी नाव में पहुंच कर शाहरुख पर चिल्लाए, ‘पूरा अलीबाग खरीद लिया है क्या? अगली बार बिना इजाजत घुस नहीं पाओगे।’ पाटिल अलीबाग में बहुत रसूखदार हैं। इस घटना के कुछ दिनों बाद यह बंगला सुर्खियों में आ गया। शाहरुख पर मुख्य आरोप है कि उन्होंने खेती करने के आवेदन द्वारा अलीबाग में जमीन खरीदी थी और उस पर आलीशान बंगला बनाया। उन पर गलत कागजात पेश करने का भी आरोप है।
शाहरुख कांग्रेस के गांधी परिवार के नजदीकी माने जाते रहे हैं और वह दूसरी पार्टियों के राजनेताओं को अक्सर रास नहीं आए, जिसकी वजह से वह इन राजनेताओं के निशाने पर रहे। चाहे निजी कारणों से या फिल्मी वजहों से। 2007 में उनका अमर सिंह से विवाद भी चर्चित हुआ था। मुंबई में एक फिल्मी समारोह का संचालन करते हुए शाहरुख ने कहा था कि मुझे अमर सिंह की आंखों में दरिंदगी दिखती है। तब अमर सिंह ने कहा था कि जब शाहरुख दिल्ली आएंगे, तो उन्हें जवाब देंगे। उन दिनों अमर सिंह समाजवादी पार्टी के महासचिव थे और शाहरुख की बात के बाद उनके घर के सामने जोरदार प्रदर्शन हुआ था। हालांकि, अमर सिंह ने कहा था कि प्रदर्शन करने वाले लोग उनके या सपा के समर्थक नहीं थे।
शाहरुख की फिल्में भी राजनीति को गर्माती रही हैं। खास तौर पर 'माई नेम इज खान' और 'रईस' को लेकर उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा था। इसमें फिल्मी मामले कम शाहरुख की बातों और हालातों से पैदा हुए विवाद का बड़ा हाथ रहा। 'माई नेम इज खान' की रिलीज से पहले शाहरुख ने यह कहा था कि उन्हें कोई समस्या नहीं दिखती कि आईपीएल क्रिकेट में पाकिस्तानी खिलाड़ी भी खेलें। शिवसेना को बात जमी नहीं और भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ ही फिल्म रिलीज हो सकी। पिछले साल उरी हमले के बाद पाकिस्तानी एक्टर्स का देश भर में विरोध हुआ और शाहरुख की 'रईस' की हीरोइन पड़ोसी देश की थी, माहिरा खान। फिल्म में पाकिस्तानी हीरोइन को लेने पर शाहरुख के खिलाफ सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर जमकर लिखा गया।