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इंदिरा गांधी सरकार ने इस फिल्म को कर दिया था बैन, मारुति की फैक्ट्री में जलवा दिए थे सारे प्रिंट
Wed, 31 Oct 2018 09:50 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 31 Oct 2018 09:50 AM IST
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kissa kursi ka
- फोटो : kissa kursi ka
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देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज पुण्यतिथि है। 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या उन्हीं के दो बॉडीगार्ड ने कर दी थी। इंदिरा गांधी ने जब देश में आपातकाल लगाई तो उसका असर बॉलीवुड में भी देखा गया। बॉलीवुड में कई फिल्मों की रिलीज को रोक दिया गया। ऐसी ही एक फिल्म थी किस्सा कुर्सी का।
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kissa kursi ka
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फिल्म पर आरोप लगा था कि इसमें इंदिरा गांधी और संजय गांधी के साथ-साथ सरकारी की नीतियों पर भी तंज कसे गए थे। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म के प्रोड्यूसर्स भगवंत देशपांडे, विजय कश्मीरी और बाबा मजगांवकर को 51 आपत्तियों के साथ एक कारण बताओ नोटिस भेजा था। फिल्म का निर्देशन अमृत नाहटा ने किया था।
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sanjay gandhi, indira gandhi
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आरोप है कि संजय गांधी ने फिल्म के सारे प्रिंट्स सेंसर बोर्ड ऑफिस से मंगवाया और गुड़गांव स्थित मारुति फैक्ट्री में उसके निगेटिव जलाकर नष्ट कर दिया था। मामले की जांच के लिए साल 1977 में शाह कमीशन भी बनाया गया। जांच में संजय गांधी और तत्कालीन सूचना प्रसारण मंत्री वीसी शुक्ला को दोषी पाया गया था।
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sanjay gandhi
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जांच में दोषी पाए जाने के बाद संजय गांधी और वीसी शुक्ला पर 11 महीने तक केस चला। 27 फरवरी 1979 को कोर्ट ने दोनों को 25 महीने की सजा सुनाई। साथ ही संजय गांधी को तो जमानत तक देने से मना कर दिया था हालांकि बाद में यह फैसला बदल दिया गया। फिल्म को हुए नुकसान के लिए डायरेक्टर ने 1 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की थी लेकिन यह पूरी नहीं हुई।
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shabana azmi
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पहले किस्सा कुर्सी का में राज बब्बर ने मुख्य भूमिका निभाई थी। जिसके निगेटिव जला दिए गए थे। निर्देशक अमृत नाहटा ने 1977 में दोबारा यह फिल्म बनाई। इसमें राज बब्बर नहीं थे। फिल्म में राज किरन, शबाना आजमी और सुरेखा सीकरी मुख्य भूमिका में नजर आए।
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