अजय देवगन सिनेमा जगत में फिल्मों का शतक मार चुके हैं। वह लगातार 29 सालों से इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। 50 साल की उम्र में भी वह प्रत्येक फिल्म के साथ नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। हालांकि फिल्म जगत का चमकता सितारा बन चुके अजय देवगन बेवजह की चर्चा और विवादों से दूरी बना कर रखते हैं। वह अपने काम से बोलने में अधिक विश्वास रखते हैं। काम की आपाधापी में भी वह परिवार को पूरा समय देते हैं। हर दिन अपने बच्चों से बात करते हैं तो पत्नी काजोल को भी उनका स्थान देते हैं। बीते दिनों अजय ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में खुलकर बात की और बताया कि वह पूरे तरह से एक फैमिली मैन हैं।
असल जिंदगी में पूरे फैमिली मैन हैं 'सिंघम' अजय देवगन, हर दिन बच्चों को देते हैं यह खास सीख
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काजोल के साथ रिश्ता हुआ मजबूत
अपनी शादी के बारे में बात करते हुए अजय देवगन ने कहा कि उनकी शादी के अब करीब 20 साल हो चुके हैं। समय के साथ रिश्ते और परिपक्व हो जाते हैं। एक दूसरे को बेहतर समझने लगते हैं। जिंदगी और भी आसान हो जाती है। काजोल को पता होता है कि उनकी क्या आदतें हैं, अपनी जिंदगी में वह क्या हासिल करना चाहते हैं। इसी तरह उन्हें भी काजोल के बारे में पता है। वे दोनों एक साथ काफी खुश हैं। इसके साथ ही वे दोनों एक दूसरे को उनका स्थान भी देते हैं। संतुलन समय के साथ अपने आप आ जाता है। यह शादी के लिए काफी अच्छा है।
बच्चों को देते हैं खास सीख
अपने बच्चों के बारे में बात करते हुए अजय ने कहा, 'मैं अपने बच्चों के साथ काफी समय व्यतीत करता हूं। मैं चाहता हूं कि वह सच्चे और ईमानदार हों। अगर वह खुद से ईमानदार होंगे तो वह हमसे भी ईमानदार रहेंगे। मैं चाहता हूं कि वह सभी की इज्जत करें। मैंने उन्हें यह बातें हर दिन कहता हूं कि अगर तुम खुद की इज्जत करोगे तो तुम अपने आपको सम्मान के साथ आगे बढ़ाओगे। जब आप दूसरों का सम्मान करते हैं, तो आप अपनी संस्कृति को बनाए रखते हैं। यही मूल आधार है।'
ध्यानाकर्षित करने से बचते हैं अजय
अजय ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यानाकर्षित करने के बारे में कहा, 'मेरा मानना है कि जब आपका काम खत्म हो गया है तो आपको चुप रहना चाहिए। लोग सब कुछ समझ सकते हैं। बात करना उनका काम है आपका नहीं। मैं खुशकिस्मत हूं कि लोग मुझे सम्मान के साथ मिलते हैं। आपको सफलता हासिल कर चिल्लाने की बिल्कुल भी जरुरत नहीं है। जो कुछ भी आप प्राप्त करते हैं वह अस्थायी है। और मुझे अस्थायी चीजों पर विश्वास नहीं है। वे कभी टिकते नहीं।'
नकारत्मकता से रहते हैं दूर
अजय के अनुसार, 'मैं नकारात्मकता पर ध्यान नहीं देता हूं। मैं इसे लेकर परेशान भी नहीं होता हूं। अगर मैं अपने बारे में कुछ पढ़ता हूं तो मैं फोन उठाकर अपने साथ के लोगों को इसे बारे में कुछ करने के लिए नहीं कहता हूं। कुछ बार तो वह आते हैं और कहते हैं कि सर यह छपा है और मैं उनसे कहता हूं कि हां, मैंने पढ़ लिया है। मुद्दा यही खत्म। मेरा मानना है कि ना बात करने की जरुरत है और ना झगड़ा करने की।