बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक में अपने अभिनय की छाप छोड़ने वाले अभिनेता इरफान खान का बुधवार को निधन हो गया। उनका जन्म 1967 में जयपुर के एक मुस्लिम पठान परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम साहबजादे इरफान अली खान था। इरफान के पिता व्यापारी थे और उनका टायर का कारोबार था।
पठान के घर में 'ब्राह्मण' बनकर पैदा हुए थे इरफान, इस वजह से पिता उड़ाते थे मजाक
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मुस्लिम परिवार में जन्म होने के बाद भी इरफान खान ने कभी मीट या मांस नहीं खाया। वो बचपन से ही शाकाहारी थे। इरफान के पिता उन्हें शिकार पर भी ले जाया करते थे। जंगल उन्हें वातावरण काफी रोमांचित करता था। लेकिन वो जानवरों के शिकार को बिलकुल पसंद नहीं करते थे। इस वजह से उनके पिता मजाक में कहा करते थे कि ये तो पठान परिवार में एक ब्राह्मण पैदा हो गया है।
इरफान खान 53 साल के थे और लंबे समय से न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर नाम के कैंसर से जंग लड़ रहे थे। उनके परिवार में पत्नी सुतापा और दो बेटे बाबिल और अयान हैं। उनके निधन से पूरा बॉलीवुड शोक में डूब गया है। इस बात पर किसी को यकीन ही नहीं हो रहा कि अभिनेता इरफान खान अब हम सबके बीच नहीं रहे।
बॉलीवुड के साथ-साथ इरफान हॉलीवुड में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 'स्पाइडर मैन', 'जुरासिक वर्ल्ड' और 'इन्फर्नो' जैसी फिल्मों में काम किया। एक इंटरव्यू में हॉलीवुड अभिनेता टॉम हैंक्स ने उनकी सराहना करते हुए कहा था कि इरफान की आंखें भी अभिनय करती हैं।
फिल्म 'हासिल' के लिए इरफान खान को उस साल का 'बेस्ट विलेन' का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। उसके बाद इरफान ने 'लंचबॉक्स', 'गुंडे', 'हैदर', 'पीकू' और 'हिंदी मीडियम' जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम किया। इरफान खान को फिल्म 'पान सिंह तोमर' के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। साल 2011 में भारत सरकार की तरफ से उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
इरफान खान: छोटे शहर से बड़े सपनों और हॉलीवुड तक की उड़ान