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Irrfan की यादें: “करोड़ों की कार में पीछे बैठने से ज्यादा मुझे पुरानी कार का स्टीयरिंग अच्छा लगा”
साल भर में समय भी बस दिन भर ही आगे सरक पाया है। मुंबई की सुनसान गलियों से गुजरता हुआ रत्ती भर सा एक कारवां बीते साल जब वर्सोवा कब्रिस्तान में अपने अजीज इरफान को धरती की गोद में सुलाकर लौटने लगा तो हर एक आंख नम थी। करोड़ों लोगों को रुलाकर जाने वाले इरफान की यात्रा दरअसल दो साल पहले ही खुदा के पास जाने के लिए शुरू हो चुकी थी। वह कहते भी थे, “हाथी और घोड़ा कुछ खास मतलब रखते नहीं हैं जीवन में। सेकेंड हैंड कार चलाने में मुझे जितनी खुशी होती थी, उतनी शायद पांच करोड़ की कार में पीछे की सीट पर बैठने से नहीं होती।”
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इरफान, दीपक
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
साहिबजादे इरफान अली खान ने अपने नाम से जब सरनेम खान हटाया तो मैंने उनसे पूछा था कि ऐसा क्यूं भला? तो वह अपनी झील सी गहरी आखों को छत की तरफ ले जाते हुए बोले थे, “मैं बोझ लेकर नहीं चलना चाहता।” इरफान को कोई इरफान खान कहकर इंटरव्यू में भी बुलाए तो उन्हें कोफ़्त होती थी। वह जितने अपनी अम्मी के इरफान थे, बस उतने ही प्यारे इरफान पूरे हिंदुस्तान के रहना चाहते थे, न रत्ती भर ज्यादा, न रत्ती भर कम।
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इरफान, पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
वह यारों के यार रहे, दोस्तों के दिलदार रहे। इरफान की बस एक ही तमन्ना रही, “लोग मुझे मेरे काम से याद रखें। मैं चाहता हूं कि मेरा हर काम मुझे अपने इन चाहने वालों से जोड़े रखे। रोल मैंने खराब भी किए हैं लेकिन मैंने बेईमानी वहां भी नहीं की। मैं इस इंडस्ट्री में आज तक जिंदा हूं तो इसलिए कि बतौर अभिनेता मैंने खुद को बदलते माहौल से और आसपास की बदलती जिंदगी से जोड़े रखा।”
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इरफान, होमी अदजानिया
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
इरफान को जिसने भी जाना बदलते दौर के बेहतरीन अभिनेता के तौर पर जाना। नहीं तो कहां दूरदर्शन का सीरियल ‘भारत एक खोज’, जी टीवी का सीरियल ‘बनेगी अपनी बात’ और कहां मार्क वेब जैसे निर्देशक के साथ ‘अमेजिंग स्पाइडरमैन’ और एंग ली के साथ ‘लाइफ ऑफ पाई’। इरफान हिंदी सिनेमा के पहले ऐसे अभिनेता रहे जो विदेश में मशहूर होने के बाद अपने देश में लोकप्रिय हुए।
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इरफान, दीपक डोबरियाल
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
टीवी और फिल्मों में तमाम काम करने के बाद इरफान को लोगों ने 19 साल पहले फिल्म द वॉरियर से ही तवज्जो देनी शुरू की। फिर हासिल और मकबूल ने हिंदी सिनेमा को बताया कि एक अभिनेता आ चुका है जो चुप रहकर भी दर्शकों को रुला सकता है और उसकी आंखों की चमक भर लोगों के होठों पर हंसी ला सकती है।
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