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शबाना आजमी से पहले 17 साल की लड़की से प्यार कर बैठे थे जावेद अख्तर, जानें क्या थी लव स्टोरी
Thu, 17 Jan 2019 08:05 AM IST
भावना शर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: भावना शर्मा
Updated Thu, 17 Jan 2019 08:05 AM IST
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javed akhtar
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भारतीय सिनेमा को 'शोले', 'जंजीर' और 'अंदाज' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले जावेद अख्तर आज अपना 74वां बर्थडे मना रहे हैं । जावेद अख्तर का जन्म 17 जनवरी 1945 को हुआ था। जावेद के पिता जान निसार अख्तर हिंदी सिनेमा के फेमस गीतकार थे और उनकी मां सैफिया अख्तर गायिका-लेखिका थीं। इससे पता चलता है कि वो एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते थे जहां हर कोई शब्दों से खेलता था।
जावेद अख्तर
अब उनका लेखक बनना तो लाजमी था। जावेद भी बचपन से कविताएं और गाने लिखा करते थे। जावेद अख्तर का असली नाम 'जादू' है। ये नाम जावेद के पिता ने उनकी एक कविता की लाइन पढ़कर दिया था। कविता की लाइनें थीं, 'लम्हा-लम्हा किसी जादू का फसाना होगा'। कुछ समय बाद उनका नाम जावेद पड़ गया जो जादू से काफी हद तक मिलता था। जावेद की लेखनी बचपन से ही दमदार थी।
जावेद अख्तर
- फोटो : amar ujala
एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि स्कूल के समय लोग उनसे लव लेटर लिखवाने आया करते थे। वो उन लोगों के भी लव लेटर लिखते थे जिन्हें वो जानते तक नहीं थे। लव लेटर लिखने में उनकी बड़ी डिमांड थी। 1964 में जब जावेद अख्तर मुंबई आए तो उनके पास ना रहने को घर था ना खाने को खाना। जब तक उन्हें काम नहीं मिला तब तक उन्होंने पेड़ के नीचे सोकर रातें गुजारी थीं। हिंदी फिल्म जगत में उन्हें काम पाने के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ा।
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Javed Akhtar
जावेद को फिल्मों में क्लैपर ब्वॉय का काम मिल गया। फिल्म 'सरहदी लुटेरा' की शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात सलीम खान से हुई। कुछ ही दिनों में दोनों काफी अच्छे दोस्त बन गए। उनसे मुलाकात के बाद जावेद कैफी आजमी के असिस्टेंट बन गए और सलीम लेखक/निर्देशक अबरार अलवी के सहायक बन गए। कैफी और अलवी पड़ोसी थे। अक्सर दोनों की मुलाकात होती रहती थी। इन्हीं के सपोर्ट से सलीम-जावेद की जोड़ी बनी और फिल्म 'हाथी मेरे साथी' की दमदार स्क्रिप्ट लिखी।
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जावेद अख्त़र
इन्हीं के सपोर्ट से सलीम-जावेद की जोड़ी बनी और फिल्म 'हाथी मेरे साथी' की दमदार स्क्रिप्ट लिखी। फिल्म 'सीता और गीता' के दौरान जावेद की मुलाकात हनी ईरानी से हुई। इस फिल्म में हनी सपोर्टिंग रोल प्ले कर रही थीं। दोनों एक-दूसरे की तरफ आकर्षित हो रहे थे। एक इंटरव्यू में हनी ने बताया था कि एक बार ताश खेलते हुए जावेद हार रहे थे। तो उन्होंने जावेद से कहा कि लाओ मैं तुम्हारे लिए कार्ड निकालती हूं।