उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस पर लोगों ने हमला कर दिया था। इस हमले में कई लोगों के चोट आई थी। पूरे देश में इस घटना की कड़ी निंदा हुई। कुछ दिन पहले इस मामले को लेकर गीतकार जावेद अख्तर और निर्माता अशोक पंडित के बीच तीखी बहस हो गई थी। अब जावेद अख्तर ने इस घटना पर ट्वीट और वीडियो के जरिए पत्थरबाजों को फटकार लगाई है।
मुरादाबाद में पत्थरबाजी की घटना पर भड़के जावेद अख्तर, लगाई ऐसी फटकार
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जावेद अख्तर ने मुरादाबाद में पत्थरबाजी की घटना को बहुत शर्मनाक बताते हुए ट्वीट किया, 'मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि अपनी जान को खतरे में डालकर दूसरों की मदद करने वालों पर हमला करने के लिए कितना अज्ञानी होना पड़ता है। मुरादाबाद में जो हुआ है, वह बहुत शर्म की बात है। मैं वहां के शिक्षित लोगों से अनुरोध करता हूं...अज्ञानियों को समझाएं।'
I can’t imagine how ignorant one has to be to attack those who are at the risk of their own lives are out there to save other lives What has happened in Moradabad is a matter of great shame I request the educated people of that city to some how contact and educate such ignorants
इसके अलावा शबाना आजमी ने जावेद अख्तर का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वो कहते नजर आ रहे हैं, 'इस वक्त देश बहुत बड़े संकट से गुजर रहा है और इस संकट का नाम कोरोना वायरस है जिससे निपटने के लिए जरूरी है कि हम सभी एक हों। हम जब एक-दूसरे पर ही शक करने लगेंगे और एक-दूसरे की नीयत को नहीं समझेंगे, कोई एकता ही नहीं होगी, तो हम लड़ेंगे कैसे। इस एकता की बहुत जरूरत है। उन डॉक्टरों को सलाम कीजिए जो अपनी जान हथेली पर रखकर आपका इलाज करने, आपकी जांच करने आ रहे हैं। उस जांच से ही तो मालूम होगा कि आपको बीमारी है कि नहीं।'
जावेद अख्तर आगे कहते हैं, 'अगर बीमारी होगी तो आपका इलाज किया जाएगा। बीमारी पता नहीं चली तो इलाज नहीं हो पाएगा। बड़ी नासमझी की बात है कि कई जगह डॉक्टरों पर पत्थर फेंके जाते हैं, यह तो बहुत मूर्खतापूर्ण काम है और यह नहीं होना चाहिए। गीतकार ने यह भी कहा कि किसी एक समुदाय को निशाना बनाना एकता के लक्ष्य को पराजित करता है। उन्होंने कहा, 'दूसरी तरफ मैं यह भी सुनता हूं कि किसी समुदाय के लोगों की दुकान बंद करा दी, उसका ठेला पलट दिया। ऐसे एकता नहीं होती।'
अख्तर ने कहा, 'मैं खासतौर पर अपने देश के मुसलमान भाइयों से अनुरोध करूंगा कि रमजान आ रहा है, आप जरूर इबादत कीजिए लेकिन यह याद रखिए कि इसमें दूसरों को परेशानी न हो और आपके अपने लोगों को भी दिक्कत न हो। जो इबादत आप मस्जिद में जाकर करते हैं, वह आप घर में कर सकते हैं। यह सारी जमीन उसी की तो बनाई हुई है जिसे आप मानते हैं।'