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Music Royalty: जावेद अख्तर की अगुआई में आईपीआरएस ने जीती जंग, हाईकोर्ट ने कहा, गाने बजे तो देनी होगी रॉयल्टी

Fri, 28 Apr 2023 11:25 PM IST
साक्षी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: साक्षी Updated Fri, 28 Apr 2023 11:25 PM IST
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Javed Akhtar praises Bombay High Court decision on music royalty of Indian Performing Right Society Limited
बॉम्बे हाई कोर्ट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में निजी एफएम रेडियो प्रसारकों के खिलाफ द इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी लिमिटेड (आईपीआरएस) के अधिकारों को बरकरार रखा है। बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े दो मामलों में बॉम्बे हाई कोर्ट का ये यह फैसला आया है। अदालत आईपीआरएस के इस तर्क से सहमत रही कि एफएम रेडियो प्रसारकों द्वारा संगीत के प्रसारण के लिए भुगतान जरूरी है। अदालत ने प्रतिवादियों को 31 दिसंबर 2020 के पूर्ववर्ती बौद्धिक संपदा अपीलीय बोर्ड के फैसले के अनुसार छह सप्ताह की अवधि के भीतर संबंधितों को आईपीआरएस को रॉयल्टी का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

Javed Akhtar praises Bombay High Court decision on music royalty of Indian Performing Right Society Limited
आईपीआरएस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

इन मामलों में बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि आईपीआरएस को ध्वनि रिकॉर्डिंग या सिनेमैटोग्राफ फिल्मों के हिस्से के रूप में उपयोग किए गए साहित्यिक और संगीत कार्यों के संबंध में रॉयल्टी का दावा करने का अधिकार है। अदालत ने यशराज फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दिए गए उन तर्कों को भी खारिज कर दिया, जिसमें कानून के पहलू पर बहस करते हुए आग्रह किया गया था कि रॉयल्टी के अधिकार को कॉपीराइट के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती। अदालत ने स्पष्ट रूप से माना कि प्रत्येक अवसर पर ध्वनि रिकॉर्डिंग का संचार ऐसे अंतर्निहित साहित्यिक और संगीत कार्यों के उपयोग के लिए होता है जिसके संबंध में आईपीआरएस को रॉयल्टी एकत्र करने का अधिकार है।

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Javed Akhtar praises Bombay High Court decision on music royalty of Indian Performing Right Society Limited
जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

इस फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए आईपीआरएस के अध्यक्ष जावेद अख्तर ने कहा, 'बॉम्बे हाईकोर्ट ने लेखकों और संगीतकारों के अधिकारों को बरकरार रखा है। यह मामला लंबे समय से लंबित रहा है और अब जब खासकर से भारतीय संगीत दुनिया भर में गूंज उठा है।' 

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Javed Akhtar praises Bombay High Court decision on music royalty of Indian Performing Right Society Limited
आईपीआरएस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

आईपीआरएस के सीईओ राकेश निगम ने इस मौके पर कहा, 'आईपीआरएस लेखकों और संगीतकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय का धन्यवाद करता है। आईपीआरएस के सदस्य संगीत का प्रयोग करने वाले सभी उपयोगकर्ताओं से आग्रह करते हैं कि वे कानूनी अनुपालन की भावना से आगे आएं और भारत में रचनाकारों का समर्थन करें।’

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आईपीआरएस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

बता दें कि आईपीआरएस कॉपीराइट अधिनियम 1957 के तहत पंजीकृत भारत में संगीत कॉपीराइट सोसाइटी है, जो संगीत के लेखकों, संगीतकारों और प्रकाशकों का प्रतिनिधित्व करती है। भारत के 10,000 से अधिक प्रसिद्ध लेखकों, संगीतकारों और संगीत प्रकाशकों को इसके सदस्यों के रूप में गिना जाता है। आईपीआरएस को कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत इसके सदस्यों द्वारा सौंपे गए संगीत कार्यों और संगीत कार्यों से जुड़े साहित्यिक कार्यों के संबंध में लाइसेंस जारी करने का व्यवसाय करने के लिए अधिकृत किया गया है। इससे जो राजस्व मिलता है, उसे रॉयल्टी के रूप में संस्था के सदस्यों में वितरित किया जाता है।

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