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जिस गाने को अश्लील समझ थिएटर से बाहर आ गई थीं जया, उस गाने को 5 साल की उम्र से सुन रहे हैं बिग बी

अपूर्वा राय Published by: अपूर्वा राय Updated Sat, 22 Jun 2019 06:57 PM IST
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Jaya bachchan leave theater after saw amitabh bachchan laawaris song mere angne Mein
लावारिस - फोटो : amar ujala

इस देश में कई ऐसी फिल्में हैं जो अपने गानों की बदौलत ही चली हैं। लेकिन अगर किसी एक गाने ने उस फिल्म को फेमस कर दिया तो इसका सबसे बड़ा उदाहरण अमिताभ बच्चन की साल 1981 में आई 'लावारिस' को छोड़कर शायद नहीं मिलेगा। 'लावारिस' की याद आते ही सभी के जहन में वह फेमस गाना छा जाता है-मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है? ये वो दौर था जब अमिताभ बच्चन पर आंख बंद कर पैसा लगाया जा रहा था। 

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Jaya bachchan leave theater after saw amitabh bachchan laawaris song mere angne Mein
laawaris

अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता में कोई कमी आ सकती है, यह बात उस वक्त कोई सोच भी नहीं सकता था। अमिताभ को अपनी फिल्म में साइन करने के लिए निर्देशकों की भीड़ लगी रहती थी। हम उसी अमिताभ बच्चन की बात कर रहे हैं जिसकी आवाज के कारण उन्हें कई बार रिजेक्ट किया जा चुका था। लेकिन ये दौर ही अलग था। अमिताभ वो सब हासिल कर रहे थे जिसकी उन्हें चाह थी। उन्हें लेकर जो भी फिल्म बना रहा था, उसी की फिल्म चल रही थी। 

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Jaya bachchan leave theater after saw amitabh bachchan laawaris song mere angne Mein
लावारिस - फोटो : social media

'लावारिस' के साथ भी कुछ ऐसा ही था। लावारिस न चले इस पर संदेह की गुंजाइश तो थी ही नहीं। प्रकाश मेहरा की फिल्म थी। बतौर हीरोइन जीनत अमान को कास्ट किया गया था। जो उस दौर में सफलता की गारंटी मानी जाती थीं। साथ ही अमजद खान भी थे। यानी सब कुछ सोने पर सुहागा। लेकिन इन सबके बावजूद अगर 'मेरे अंगने में' गाना फिल्म में न होता तो शायद ये फिल्म उतनी हिट नहीं होती।

Jaya bachchan leave theater after saw amitabh bachchan laawaris song mere angne Mein
लावारिस - फोटो : social media

इसके बाद अमिताभ को जिस तरह की आलोचना झेलनी पड़ी ये बयां कर पाना मुश्किल है। साल दर साल लोगों ने किसी तरह उनका सिर्फ मजाक ही उड़ाया था। चुनाव के समय इलाहाबाद की गलियों में पोस्टर लगाकर विरोधी पार्टी के नेता उनका मजाक उड़ाते थे। दरअसल इंदिरा गांधी की हत्या के बाद अपने दोस्त राजीव गांधी के कहने पर राजनीति में आए अमिताभ बच्चन 1984 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से मैदान में उतरे थे। फिल्म रिलीज के कई साल बाद तक उन्हें नचनिया कहकर बुलाया जाता था। लेकिन इन सबसे हटकर अमिताभ बच्चन यूपी के पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा को हराने में सफल हो गए थे।

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Jaya bachchan leave theater after saw amitabh bachchan laawaris song mere angne Mein
amitabh bachhchan and jaya bachchan - फोटो : social media

सौम्य बंदोपाध्याय ने अपनी किताब 'अमिताभ बच्चन' में कहते हैं- प्रिव्यू थियेटर में बैठकर इस फिल्म को पहली बार देखते समय जया बच्चन गुस्से से बाहर निकल गई थीं। उन्हें ये गीत और उसके साथ के सीन बहुत अश्लील लगे थे। लेकिन ये वही गाना था जिसे अमिताभ 5 साल की उम्र से सुनते चले आ रहे थे। इसी अश्लीलता और गीत के बोल बाद में इतने लोकप्रिय हुए कि अमिताभ बच्चन के स्टेज शो में ये गाना आकर्षण बन गया। सिर्फ देश में ही नहीं विदेशों में भी। इतना ही नहीं, अभी भी वह जिसकी बीवी छोटी' गाने के समय जया को स्टेज पर बुलाते रहते हैं और जया को भी आना ही पड़ता है।

और ये कहना भी गलत नहीं होगा कि लावारिस को लोग अगर याद करते हैं तो 'मेरे अंगने में' गाने की वजह से। इस गाने में बिग बी ने कई फीमेल गेटअप्स लिए थे।

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