कंगना रणौत को राजद्रोह के केस में बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत की अवधि को 25 जनवरी तक बढ़ा दिया है। कंगना रणौत के खिलाफ मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके बाद बीते साल नवंबर में इस केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कंगना को गिरफ्तारी से राहत दी थी।
कंगना रणौत की गिरफ्तारी पर 25 जनवरी तक रोक, राजद्रोह के केस में बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली राहत
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कंगना रणौत शुक्रवार (आठ जनवरी) को राजद्रोह एवं अन्य आरोपों को लेकर दर्ज मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए मुंबई के बांद्रा पुलिस थाने पहुंची थीं। इस दौरान कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी भी थे। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक कंगना और उनकी बहन रंगोली चंदेल को बांद्रा पुलिस स्टेशन में आकर बयान दर्ज कराना था।
बता दें कि मुंबई पुलिस ने 17 अक्तूबर 2020 को कथित तौर पर दो समुदायों के बीच विवाद बढ़ाने और अन्य आरोपों के लिए स्थानीय अदालत के आदेश पर कंगना और रंगोली के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। कंगना पर धार्मिक भावनाएं भड़काने, कलाकारों को हिंदू-मुसलमान में बांटने और सामाजिक द्वेष को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया। कास्टिंग डायरेक्टर और फिटनेस ट्रेनर मुनव्वर अली सयैद ने कंगना और उनकी बहन के ट्वीट एवं बयान का संदर्भ देते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
कंगना ने जताया था गुस्सा
पूछताछ के बाद कंगना ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया, जिसमें वे काफी गुस्से में नजर आईं। उन्होंने लिखा, 'अगर आप भारत के
विरोधी हैं तो आपको बहुत सारा समर्थन, काम, पुरस्कार और प्रशंसा मिलेगी। अगर आप राष्ट्रवादी हैं तो आपको अकेले ही खड़ा होना पड़ेगा। अपनी स्वयं की सहायता प्रणाली बनें और अपनी स्वयं की अखंडता की सराहना करें।'
वीडियो के जरिए उठाए सवाल
इससे पहले कंगना ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि उनकी आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस में हाजिरी देने के लिए कहा जा रहा है लेकिन ये नहीं बताया जा रहा है कि कहां आना है, कैसे हाजिरी देनी है। उनकी नजरों में उन्हें अपने विचार व्यक्त करने से भी रोका जा रहा है।