बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत पर्दे पर जितने धाकड़ किरदार निभाती हैं असल जिंदगी में भी वो उतने ही पंगे लेने के लिए मशहूर हैं। अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर कंगना रणौत ने हाल ही में बताया कि वो शुरू से ही बागी रही हैं और मशहूर होने के बाद से उनकी आवाज और ज्यादा बुलंद हो गई है। कंगना ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए जिसमें उन्होंने बताया कि 15 साल की उम्र में ही वो बागी बन गई थीं।
15 साल की उम्र में ही बागी बन गईं थीं कंगना रणौत, कहा- थप्पड़ मारने जा रहे थे पापा तो मैंने...
कंगना ने ट्वीट किया, 'मेरे पिता के पास लाइसेंस्ड राइफल और बंदूके हैं। बचपन में वो सिर्फ डांटते नहीं थे बल्कि दहाड़ते थे। उनकी डांट सुनकर मैं भी कांपने लगती थी। अपनी जवानी में वो कॉलेज में गैंग वॉर करवाने के लिए मशहूर थे। इस वजह से उन्हें गुंडा माना जाता था। जब मैं 15 साल की थी तो मेरी उनसे लड़ाई हुई और मैंने घर छोड़ दिया। मैं उसी वक्त 15 साल की एक बागी राजपूत महिला बन गई'।
My father has licensed rifle and guns, growing up he didn’t scold he roared, even my ribs trembled, in his youth he was famous for gang wars in his college which gave him a reputation of a gunda, I fought with him at 15 and left home, became first Baaghi Rajput woman at 15.
कंगना ने आगे ट्वीट किया, 'इस चिल्लर इंडस्ट्री को ये लगता है कि सफलता मेरे दिमाग में चढ़ गई है और ये लोग मुझे ठीक कर सकते है। मैं हमेशा से बागी थी, बस सफलता पाने के बाद मेरी आवाज और ज्यादा बुलंद हो गई है। आज मैं देश की सबसे महत्वपूर्ण आवाजों में से एक हूं। इतिहास गवाह है कि जिसने भी मुझे ठीक करने की कोशिश की है, मैंने उसे ठीक कर दिया है'।
This chillar industry thinks success got to my head and they can fix me, I was always Baaghi its only after success my voice got stronger and today I am one of the most prominent voices in the nation. History is a witness whoever tired to fix me I fixed them instead.
कंगना यहीं नहीं रुकी और आगे उन्होंने अपने पिता के बारे में भी बताया। कंगना ने लिखा, 'मेरे पापा चाहते थे कि मैं दुनिया की सबसे अच्छी डॉक्टर बनूं। वो मुझे एक बेहतरीन संस्थान में पढ़ाकर एक क्रांतिकारी पापा बन रहे थे। जब मैंने स्कूल जाने से मना किया तो उन्होंने मुझे थप्पड़ मारने की कोशिश की। मैंने उनका हाथ पकड़ लिया था और कहा था अगर आप मुझे थप्पड़ मारेंगे तो मैं भी आपको थप्पड़ मारुंगी'।
My papa he wanted to make me the best doctor in the world, he thought he was being a revolutionary papa by giving me education in best institutions, when I refused to go to school he tried to slap me I held his hand and famously told him “ if you slap me I will slap you back” pic.twitter.com/5nU6x6iQtL
आगे उन्होंने लिखा कि, 'उसी वक्त हमारे रिश्ते का अंत हो गया था। उन्होंने मुझे देखा फिर मेरी मां को देखा और फिर वो कमरे से चले गए। मुझे पता था कि मैंने अपनी सीमा पार कर दी है और मैंने उन्हें दोबारा कभी नहीं पाया। मैं पिंजरे में नहीं रह सकती थी और आजादी पाने के लिए मैं कुछ भी कर सकती थी'।
That was it end of our relationship something changed in his eyes, he looked at me then my mother and left the room, I knew I had crossed the line and never found him back again but one can only imagine the extend i can go to break free, nothing can keep me caged.
