करण जौहर मौजूदा समय में बॉलीवुड के एक ऐसे नाम हैं, जिनके बिना हिंदी सिनेमा की बात अधूरी सी लगती है। फिल्म निर्माता, निर्देशक और मशहूर टॉक शो 'कॉफी विद करण' के होस्ट करण हमेशा चर्चा में रहते हैं। उनकी कामयाबी ने उन्हें शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचाया, लेकिन विवादों ने भी उनका पीछा नहीं छोड़ा। खास तौर पर 'नेपोटिज्म' यानी भाई-भतीजावाद का ठप्पा उन पर अक्सर लगाया जाता है। हाल ही में राज शमानी के साथ बातचीत में करण ने इस टैग और अपनी जिंदगी के कई पहलुओं पर खुलकर बात की।
Karan Johar: इस फिल्म के लिए करण ने उठाया सबसे बड़ा जोखिम, बोले- फ्लॉप होती तो घर बेचना पड़ जाता
Karan Johar Talks about Nepotism: करण जौहर बॉलीवुड के जाने माने निर्माता और निर्देशक हैं। हाल ही में एक बातचीत में उन्होंने नेपोटिज्म के आरोपों पर खुलकर जवाब दिया।
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जब राज शमानी ने पूछा कि यह नेपोटिज्म का चेहरा बनने की बात कब शुरू हुई तो करण ने हंसते हुए कहा, "मुझे नहीं पता, यह कब हुआ? मैं तो हमेशा से इंडस्ट्री का हिस्सा रहा हूं। मेरे पिता फिल्म इंडस्ट्री में थे।" करण के पिता यश जौहर एक मशहूर निर्माता थे, जिन्होंने धर्मा प्रोडक्शंस की नींव रखी। करण ने माना कि पिता की वजह से उन्हें इंडस्ट्री में आसानी से जगह मिली, लेकिन यह कोई अनुचित फायदा नहीं था। उन्होंने कहा, "मैं अपने पिता की विरासत का हिस्सा था। यह स्वाभाविक था।"
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करण ने अपनी पहली फिल्म 'कुछ कुछ होता है' के बारे में बात करते हुए कहा कहा कि यह उनके लिए एक बड़ा जोखिम था। उन्होंने कहा, "मेरे पिता ने अपने बेटे पर भरोसा किया जो अपनी पहली फिल्म बना रहा था। अगर वह फ्लॉप हो जाती तो हमें अपना घर बेचना पड़ता।" करण ने कहा कि दबाव बहुत था और उन्हें भी बाकी लोगों की तरह अपनी काबिलियत साबित करनी पड़ी। उनकी मेहनत और टैलेंट ने उन्हें सफलता दिलाई, लेकिन नेपोटिज्म का टैग उनके साथ चिपक गया।
'कॉफी विद करण' ने करण को घर-घर में मशहूर किया, लेकिन इस शो ने उनकी छवि को भी बदल दिया। करण ने बिना किसी का नाम लिए कहा, "शो शुरू होने के बाद मुझे एक अजीब सी छवि मिली, जैसे मैं कोई खास तरह का इंसान हूं।" उन्होंने कहा कि लोग उनके बारे में कुछ खास धारणाएं बना लेते हैं, जो पूरी तरह सच नहीं होतीं। करण ने कहा, "जो लोग मुझे करीब से जानते हैं वो मेरे असली स्वभाव को समझते हैं। मैं एक सच्चा इंसान हूं, लेकिन मैं हर किसी को सफाई नहीं दे सकता।" करण ने स्वीकार किया कि कुछ लोग उन्हें गर्मजोशी से भरा इंसान मानते हैं, तो कुछ की नजर में उनकी छवि नकारात्मक है। उन्होंने कहा, "मैं हर किसी को खुश नहीं कर सकता। जो मुझे जानते हैं, वे मेरे दिल को समझते हैं।" उन्होंने कहा,"कर्म ही मेरा सबसे बड़ा धर्म है। मुझे लगता है कि मुझे कभी किसी को दुख नहीं पहुंचाना चाहिए, किसी के रास्ते में नहीं आना चाहिए। यहां लोग कहते हैं कि मैंने किसी का करियर बर्बाद कर दिया। नहीं, मैंने किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा। मैंने बस अपना काम किया। यह लोगों की मान्यता है।"
वर्क फ्रंट की बात करें तो करण के निर्देशन में बनी आखिरी रिलीज फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' थी। इस फिल्म में रणवीर सिंह और आलिया भट्ट नजर आए थे। साल 2023 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर औसत प्रदर्शन किया था। वहीं, उनके प्रोडक्शन हाउस में बनी फिल्म 'केसरी 2' हाल ही मे ंरिलीज हुई है।