कश्मीर को लेकर चल रही सरगर्मियों के बीच इस रियासत की आखिरी रानी के ऊपर फिल्म बनाने का एलान हो गया है। कश्मीर में मुगलों के आक्रमण का आखिरी दम तक मुकाबला करने वाली कोटा रानी पर बनने जा रही फिल्म में इस मशहूर किरदार की सुंदरता से लेकर इनकी वीरता तक की गाथा बड़े परदे पर उतरने जा रही है।
कश्मीर की आखिरी हिंदू रानी पर बनने जा रही बायोपिक, इस तरह दुश्मनों के छुड़ाए थे छक्के
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कश्मीर की आखिरी हिंदू रानी के रूप में मान्यता प्राप्त कोटा रानी का जीवन बहुत ही नाटकीय और रोमांच से भरा रहा है। कोटा रानी की कहानी जम्मू और कश्मीर की लोकगाथाओं और लोकगीतों में खूब सुनी जाती है। 13वीं सदी में कोटा रानी ने राज किया और उन्हीं को हराकर शाह मीर ने कश्मीर पर कब्जा किया। भारतीय दर्शनशास्त्र और शैव धर्म के अनुयायी रहीं इस रियासत पर कोटा रानी ने अपनी खूबसूरती, अपने मजबूत प्रशासन और अपनी सैन्य रणनीति के बूते बरसों तक राज्य चलाया।
लोकगीतों में कथा आती है कि कोटा रानी ने मध्य एशिया के आक्रांताओं से कश्मीर को बचाने के लिए न सिर्फ अपनी सुंदरता को ढाल बनाया बल्कि अपनी बहादुरी से कई मौकों पर दुश्मन के छक्के छुड़ा दिए। बाद में भीतरघात के चलते कोटा रानी को हार का सामना करना पड़ा। कोटा रानी पर फिल्म बनाने का एलान सोमवार को रिलायंस एंटरटेनमेंट और फैंटम फिल्म्स ने संयुक्त रूप से किया।
इस बारे में रिलायंस एंटरटेनमेंट के ग्रुप सीईओ शिबाशीष सरकार कहते हैं, ‘कोटा रानी पर फिल्म बनाने का हमारा मुख्य मकसद उनकी शौर्य गाथा को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना है। उनके किरदार में तमाम तरह के गुण दिखते हैं और वह हमारे देश की चंद महान महिला हस्तियों में से एक रही हैं। कोटा रानी के बारे में देश के बहुत कम लोगों को पता है और हमारा प्रयास होगा कि उनकी इस कहानी को हम बड़े परदे पर पूरी भव्यता के साथ प्रस्तुत करें।’
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वहीं फिल्म के सह निर्माता मधु मंटेना ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोटा रानी की कहानी किसी मायने में क्लियोपेट्रा की कहानी से कम नहीं है। कश्मीर में जो कुछ आजकल हो रहा है उसका सीधा संबंध किसी न किसी तरह से कोटा रानी के राज से जुड़ता है। वह भारत की धरती पर हुईं चुनिंदा वीरांगनाओं में से एक हैं।