लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन ने जैसे ही रामायण और महाभारत का प्रसारण फिर से क्या शुरू किया मानो पुराने सीरियल्स की बहार आ गई हो। दूरदर्शन का देखा देखी दूसरे चैनल्स भी अपने पुराने शोज एक एक कर लाने लगे। इस फेरिस्त में स्टार प्लस का सीरियल महाभारत भी शामिल है जो छह साल पहले टीवी पर प्रसारित हुआ था। बी आर चोपड़ा की महाभारत के बाद यह पहली ऐसी महाभारत रही जिसे दर्शकों ने अच्छी प्रतिक्रिया दी थी।
20 दिनों में शूट हुआ था महाभारत का चीरहरण सीन, बड़ी मान-मनौव्वल के बाद माने थे 'शकुनि मामा'
बीते दिनों शो के कुछ कलाकारों ने उस दौर की अपनी यादें साझा की और बताया कि कैसे डेढ़ साल की शूटिंग में सभी कलाकारों के बीच अच्छी केमिस्ट्री बन गई थी और आपस में सभी का ऐसा लगाव हो गया था कि सभी शूट के आखिरी दिन अपने आंसू भी नहीं रोक सके थें। शो में द्रोपदी का किरदार निभाने वाली पूजा शर्मा ने बताया कि उन्हें महाभारत की शूटिंग के दौरान तैयार होने में करीब दो घंटे का समय लगता था। वहीं उन्होंने शो के पुरुषों के बारे में दिलचस्प खुलासा करते हुए कहा कि वे सभी शूटिंग के दौरान सेट पर आकर शूट शुरू होने से ठीक पहले ही आभूषण पहना करते थें।
पूजा के अनुसार उनकी पहली कोशिश रहती थी की उन्हें डायलॉग्स याद रहे लेकिन जैसे ही शूट शुरू होता था तब वह उसमें रम जाती थीं। उनके जहन में आज भी सभी तरह की यादें इस तरह से ताजा है कि वह उसपर किताब भी लिख सकती हैं। वहीं चीरहरण सीन के बारे में उन्होंने बताया कि उस पूरे सीक्वंस को शूट करने में करीब 20 दिनों का समय लग गया था। आज भी वह अपने पुराने सीन्स देखा करती हैं। लोगों का संदेश उन्हें आज भी प्राप्त होता है। यह उनके साथ साथ उनके परिवार के लिए बड़ा मौका था।
भीष्म का रोल निभाने वाले आरव चौधरी का कहना है कि उनके लिए भीष्म का किरदार निभाना एक बड़ी चुनौती थी। वह शो में सबसे पहले जुड़े थें। इस किरदार के लिए उन्हें करीब छह से सात महीने की मेहनत करनी पड़ी और उसके बाद जब तक शो चला तब तक उन्हें उस तरह का शरीर बनाए रखना पड़ा। शकुनि का किरदार निभाने वाले प्रनीत भट्ट का कहना है कि उन्होंने पहले महाभारत के लिए मना कर दिया था। हालांकि मेकर्स उन्हें किसी भी कीमत पर शो से जोड़ना चाहते थें। उनके अनुसार वह महाभारत में सिर्फ दो ही किरदार कृष्ण या फिर शकुनि निभाना चाहते थें और जब मेकर्स ने उनसे उनकी इच्छा पूछी तो उन्होंने शकुनि बनने की मंशा जाहिर की। वह इससे पहले कई सकारात्मक किरदार निभा चुके थें इस वजह से वह इस बार नकारात्मक किरदार के जरिए दर्शकों को एंटरटेन करना चाहते थें। किरदार में ढलने के लिए लंबी तैयारी की जरूरत पड़ी। उन्हें अपना वजन से लेकर दाढ़ी बढ़ानी पड़ी। इस शो से उन्हें ऐसी ख्याति प्राप्त हुई है कि आज भी विभिन्न जगह लोग उन्हें मामा जी के नाम से ही पुकारते हैं शो का आखिरी दिन कुछ इस तरह बीता था कि सभी लोग बहुत भावुक हो गए थें और कुछ तो रोने तक लगे थें।
वहीं अर्जुन का किरदार निभाने वाले शाहीर शेख ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन दिनों सेट पर उन्हें मानों बॉयज हॉस्टल वाली फीलिंग आती थी। उन्होंने पुरानी वाली महाभारत बचपन में देखी थी लेकिन अपने शूट से ठीक पहले उन्होंने इसे फिर से देखने से बचने का निश्चय किया था। शो का पूरा अनुभव कमाल का था। कई ऐसे किस्से भी हैं जो आज तक याद है यह शो अब एक ब्रांड बन गया है जिसकी बातें आज भी होती हैं।
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