भारत के मशहूर संगीतकार इलैयाराजा की साउथ फिल्म इंडस्ट्री में ही नहीं बॉलीवुड में भी एक खास पहचान है। अपने करियर में एक से बढ़कर एक सदाबहार गाने देने वाले इलैयाराजा को म्यूजिक माएस्ट्रो के नाम से भी जाना जाता है। संगीत की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाने के बाद इलैयाराजा अब राजनीति में अपना जौहर दिखाने के लिए तैयार हैं। इलैयाराजा को राज्यसाभ के लिए मनोनित किया गया है। तो चलिए आपको बतातें हैं कि कौन है इलैयाराजा, जो प्रधानमंत्री की तारीफों के पुल बांधकर विवादों में भी घिर चुके हैं।
Ilaiyaraaja: कौन हैं राज्यसभा के लिए मनोनीत संगीतकार इलैयाराजा, पीएम मोदी की तारीफ कर आए थे विवादों में
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इलैयाराजा की उबलब्धियां
इलैयाराजा पहले भारतीय संगीतकार हैं, जिन्होंने 1986 में फिल्म विक्रम के लिए कंप्यूटर के माध्यम से गाना रिकॉर्ड किया था। दक्षिण भारतीय संगीत में पाश्चात्य संगीत लाने का श्रेय इलैयाराजा को जाता है। उन्होंने पहली बार भारत में सिम्फनी (2006) में थिरुवसागम की रचना भी की। इसके अलावा निर्देशक आर. के. सेल्वमनी के अनुसार उन्होंने 1992 में चेम्बरुथी फिल्म के लिए 45 मीनट में नौ गानों की रचना की थी, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
इन पुरस्कारों से हुए सम्मानित
इलैयाराजा ने 7,000 से अधिक गानों की रचना की, 1,400 से अधिक फिल्मों के लिए फिल्म स्कोर दिया और 20,000 से अधिक कॉन्सर्ट किए हैं। 2015 में इलैयाराजा को 1000 फिल्मों में संगीत देने के लिए अमिताभ बच्चन, रजनीकांत और कमल हासन ने सम्मानित किया था। साल 2018 में इलैयाराजा को सबसे बड़ा सम्मान मिला और उन्हें पद्म विभूषण सम्मानित किया गया।
संगीतकार इलैयाराजा ने एक किताब आंबेडकर एंड मोदी, रिफॉर्मर्स आइडियाज परफॉर्मर्स इम्प्लीमेंटेशन की प्रस्तावना को लेकर विवादों में आ गए थे। इसमें उन्होंने पीएम मोदी की तारीफों के पुल बांधे हैं, तो उनके और डॉ. बी.आर आंबेडकर के जीवन में कई समानताएं दिखाई थीं। उन्होंने लिखा था कि मोदी ने संवैधानिक सुरक्षा और ओबीसी आयोग की स्थापना के माध्यम से कानूनी सुरक्षा को मजबूत किया है। इसके साथ ही उन्होंने तीन तलाक और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का जिक्र करते हुए कहा था कि आंबेडकर को इन पर गर्व होगा। लोगों ने इसका यह कहकर विरोध किया था कि मोदी हिंदुत्व के लिए प्रतिबद्ध हैं और आंबेडकर एक सुधारवादी नेता थे, जिन्होंने दलितों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया। ऐसे में इनकी तुलना करना गलत है। हालांकि भाजपा सहित कई लोगों ने उनका समर्थन भी किया था।