गुजरे जमाने की अभिनेत्रियों की खूबसूरती और अदाकारी के सभी कायल थे। इसमें से कुछ अभिनेत्रियां ऐसी भी थीं, जिनका नाम जुबां पर आते ही मानो खूबसूरती और प्रेम की अलग परिभाषा याद आ जाती हो। हम आज जिसके बारे में बात कर रहे हैं, उनकी खूबसूरती के चर्चे चारों ओर थे। वो कहती थीं, 'शौक से लीजिए जी, इश्क के इम्तहां।' जी हां, हम बात कर रहे गुजरे जमाने की मशहूर अदाकारा मधुबाला के बारे में। मधुबाला, जिनकी जिंदगी कई उतार-चढ़ाव के साथ गुजरी, जिन्होंने अपने अभिनय से लोगों के दिलों पर तो राज किया लेकिन खुद उनके दिल में बड़ी तकलीफ थी। आज हम आपको मधुबाला के बारे में कुछ अनसुने किस्से बताने जा रहे हैं।
दिल में छेद लिए पैदा हुई इस अभिनेत्री ने जिंदगी भर झेला दर्द, कहा जाने लगा था 'द ब्यूटी विद ट्रैजेडी'
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14 फरवरी 1933 को जन्मीं मधुबाला के बचपन का नाम 'मुमताज जहां देहलवी' था। इनके पिता का नाम अताउल्लाह और माता का नाम आयशा बेगम था। खूबसूरती की मिसाल कही जाने वालीं मधुबाला के जन्म से ही दिल में छेद था और फेफड़ों की भी परेशानी थी। डॉक्टरों के अनुसार इस बीमारी में उन्हें बहुत ज्यादा आराम की जरूरत थी, लेकिन घर की मजबूरियों के लिए मधुबाला को काम करना पड़ा था। मधुबाला बाहर से जितना खिलखिलाकर हंसती थीं, उन्हें अंदर से उतनी ही ज्यादा तकलीफ थी।
मधुबाला के दिल में बचपन से ही एक्ट्रेस बनने की तमन्ना और चाह थी, जिसे उन्होंने कड़ी मेहनत और मशक्क्त के साथ पूरा किया। मधुबाला ने महज नौ साल की उम्र में ही फिल्म इंडस्ट्री की चौखट पर कदम रख दिया था और उनको पहला लीड रोल 14 साल की उम्र में मिला था। लेकिन उनकी किस्मत चमकी फिल्म ‘महल’ से चमकी थी। उस वक्त मधुबाला महज 15 साल की थीं। इस फिल्म ने उन्हें जमीन से एक सितारा बना दिया था। इसके बाद मधुबाला ने बैक टू बैक कई सुपरहिट फिल्में दीं और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कहा जाता है कि मधुबाला बेहद खूबसूरत थीं। जो भी उन्हें एक बार देख लेता था उन पर फिदा हो जाता था। मधुबाला को गुलाब से बहुत मोहब्बत थी और जब भी कोई अपने इश्क का इज़हार मधुबाला से करना चाहता था तो उन्हें गुलाब का फूल देता था।
प्यार के दिन यानी वैलेंटाइन डे के दिन जन्मीं मधुबाला को दो बार इश्क तो हुआ लेकिन आखिरी समय में वो तन्हा रहीं। मधुबाला का नाम सिनेमा जगत के ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार से जुड़ा था। दिलीप कुमार को मधुबाला ने लाल गुलाब भेजकर अपने प्यार का इजहार किया था। कहा जाता है कि फिल्म 'तराना' के सेट पर मधुबाला और दिलीप कुमार के बीच प्यार की शुरुआत हुई थी। बताया जाता है कि उस वक्त मधुबाला ने एक पर्ची के साथ एक गुलाब का फूल दिलीप कुमार के मेकअप रूम में भिजवाई थी, जिसमें लिखा था, 'अगर आपको मुझसे मोहब्बत का इकरार हो तो इस गुलाब को कुबूल फरमाएं।' इसके बाद दिलीप कुमार ने मुस्कुराते हुए उस गुलाब को अपने पास रख लिया था।
लेकिन दिलीप कुमार और मधुबाला का प्यार मुकम्मल न हो सका और दोनों को अलग होना पड़ा। मधुबाला के पिता नहीं चाहते थे कि उनका दिलीप या किसी के साथ भी रिश्ता हो। एक दिन दिलीप कुमार ने मधुबाला से कहा कि काजी तैयार है, चलो अभी शादी कर लेते है। लेकिन इस तरह अचानक मधुबाला राजी नहीं हुई और दिलीप ने बोला कि अगर आपने आज हां नहीं की तो मैं कभी लौट कर नहीं आऊंगा। बस यही हुआ मधुबाला हां नहीं कर पाईं और दिलीप उन्हें छोड़कर चले गए।