विवेक अग्निहोत्री सामाजिक मुद्दों पर अपने साहसिक विचार साझा करने से कभी नहीं हिचकिचाते हैं। हाल ही में फिल्म निर्माता ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक ट्रेनी डॉक्टर के दुखद बलात्कार और हत्या के खिलाफ आवाज उठाई। इतना ही नहीं विवेक कोलकाता में मौला अली से डोरिना क्रॉसिंग तक विरोध रैली में भी सक्रिय रूप से शामिल हुए। इसके साथ ही उन्होंने ऑनलाइन पोस्ट से आगे बढ़ने और जमीनी स्तर पर वास्तविक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
Kolkata Doctor Rape Murder: सोशल मीडिया से बदलाव मुमकिन नहीं, इंसाफ के लिए सड़क पर उतरे विवेक अग्निहोत्री
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विवेक अग्निहोत्री कोलकाता में एक विरोध रैली में शामिल हुए और ऑनलाइन सक्रियता की आलोचना की। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, 'हम सभी बॉम्बे में इंस्टाग्राम या ट्विटर पर पोस्ट कर रहे हैं और खुद को अपराध बोध से मुक्त कर रहे हैं, लेकिन किसी को तो काम करना होगा।' 50 वर्षीय फिल्म निर्माता ने ऑनलाइन समर्थन से वास्तविक भागीदारी की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा, 'जब जनता की राय और युवाओं को प्रभावित करने की शक्ति रखने वाले लोग एक साथ आते हैं, तो यह दूसरों को शामिल होने के लिए प्रेरित करता है।'
उन्होंने युवाओं को केवल ऑनलाइन ही नहीं, बल्कि वास्तविक दुनिया में भी कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित करने के महत्व के बारे में बात की। विवेक का मानना है कि अगर नेता विरोध करते हैं, तो इससे अन्य लोग भी इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने इस विचार के खिलाफ भी चेतावनी दी कि केवल सोशल मीडिया ही बदलाव ला सकता है, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वास्तविक प्रगति सड़कों पर होती है, यही कारण है कि वह इसके मद्देनजर यह कदम उठा रहे हैं।
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विवेक अग्निहोत्री ने अपनी बात में जोड़ा, 'अगर हमारे जैसे लोग उदाहरण पेश करके नेतृत्व करते हैं और विरोध करते हैं, तो यह युवाओं को अपना घर छोड़ने और इस मुहिम में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगा। अन्यथा, लोगों की यह सोचने की प्रवृत्ति होती है कि केवल सोशल मीडिया पर टाइप करना ही बदलाव लाने के लिए पर्याप्त है। लेकिन वास्तविक बदलाव के लिए हमें सड़कों पर सक्रिय होने की आवश्यकता है। इसीलिए मैं यहां हूं।'
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कोलकाता डॉक्टर की मौत के मद्देनजर निर्देशक ने कहा, 'महिला सुरक्षा और जीवन का अधिकार। हर महिला घर से बाहर निकलने से डरती है। जब कोई आपके साथ छेड़छाड़ करता है तो जीवन की गरिमा से भी समझौता हो जाता है।' फिल्म निर्माता ने कहा कि जब उन्होंने आरजी कर अस्पताल में कोलकाता के डॉक्टर की मौत के मामले के बारे में सुना, तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ। विवेक ने जोड़ा, 'मेरे लिए यह समझना असंभव है कि अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ कुछ हो सकता है। मैं उस पीढ़ी से आता हूं जब हमारे माता-पिता कहा करते थे कि डॉक्टर भगवान होता है। मेरे दिमाग में, अस्पताल एक बहुत ही सुरक्षित जगह थी। पहले 48 घंटों तक मैं इनकार में था।'