महेश भट्ट हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्म निर्देशक हैं। उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्में बनाई हैं। हाल ही में महेश भट्ट अरबाज खान के शो The Invincibles में आए। इस दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी के बारे में कई खुलासे किए हैं। महेश भट्ट ने बताया कि अपने करियर के शुरुआती दौर में जब वह सही मार्गदर्शन की तलाश कर रहे थे, तब गुरु ओशो से मिले थे। लेकिन कुछ ही समय के बाद उनको ऐसा लगने लगा था कि यह सब सही नहीं है। उस दौरान कुछ ऐसा हुआ कि महेश भट्ट को ओशो ने बर्बाद तक करने की धमकी दे डाली थी।
Mahesh Bhatt: महेश भट्ट ने किया सनसनीखेज खुलासा, कहा- ओशो ने दी थी बर्बाद कर देने की धमकी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अरबाज खान के शो The Invincibles में पहुंचे महेश भट्ट ने अपनी जिंदगी के बारे में कई खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया, मैं एक आम लड़का था। उस दौर में मैंने विश्वासघात' और 'मंजिलें और भी हैं' जैसी फिल्में बनाईं लेकिन वो लगभग फ्लॉप हो गईं। इस बात से परेशान होकर मैं आध्यात्म की तरफ चला गया। उस दौरान मैं ओशो उर्फ रजनीश से मिला, जो कि उन दिनों करिश्माई गुरु थे। मैंने खुद को उन्हें समर्पित कर दिया। उस दौरान मैं गेरुए रंग के कपड़े पहनता था और पांच वक्त ध्यान लगाता था।
इसे भी पढ़ें- Lock Upp 2: इस फेमस स्टार को 'लॉकअप 2' का हिस्सा बनाना चाहते हैं मेकर्स, कोई भी कीमत चुकाने के लिए हैं तैयार
महेश भट्ट ने आगे बताया, उन्होंने ही विनोद खन्ना को ओशो से मिलवाया था। महेश भट्ट ने आगे बताया, विनोद खन्ना उस समय अपने स्टारडम के चरम पर थे, लेकिन उन्होंने अमेरिका में ओशो रजनीश का अनुयायी बनने के लिए सबकुछ छोड़ दिया। लेकिन महेश भट्ट का इन सबसे मोह भंग हो चुका था उन्होंने ओशो से रिश्ता तोड़ लिया था।
ओशो से रिश्ता तोड़ने की वजह का खुलासा करते हुए महेश भट्ट ने कहा, 'मैं विनोद खन्ना को ओशो के पास ले गया। मैंने तो ओशो के साथ कनेक्शन तोड़ दिया, लेकिन विनोद खन्ना ने जारी रखा। मैंने माला भी तोड़ दी और उसे कमोड में फेंक दिया। मैंने सोचा कि जलन तो मुझे अभी भी होती है, लेकिन मैं एकदम पवित्र शब्द बोल रहा हूं। मुझे लगा जैसे मैं दोगला हूं। मैं इस दुनिया और खुद से झूठ नहीं बोल सकता।'
महेश भट्ट ने आगे कहा, 'जब मैंने माला तोड़कर कमोड में फेंक दी तो विनोद खन्ना ने मुझे फोन किया और कहा कि भगवान बहुत गुस्से में हैं। तुमने माला तोड़कर कमोड में फेंक दी। तो मैंने कहा कि हां मैंने ऐसा ही किया है और यह सब बेकार है। मैं बेवकूफ हूं।' इसपर विनोद खन्ना ने कहा, 'भगवान ने कहा है कि तुम वापस आ जाओ और खुद आकर माला उन्हें दो, नहीं तो वह (ओशो रजनीश) तुम्हें बर्बाद कर देंगे।'