मामला थोड़ा इमोशनल है लेकिन है बहुत दिलचस्प। उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार ने जब से मुंबई की फिल्म सिटी की टक्कर की फिल्म सिटी ग्रेटर नोएडा में बनाने की कवायद शुरू की है, यहां की अपनी फिल्म सिटी की तरफ राज्य सरकार ने भी तवज्जो देनी शुरू कर दी है। फिल्म सिटी में एक अच्छे होटल की लगातार महसूस की जा रही कमी को पूरा करने का काम शुरू हो चुका है। मौका मुंबई शहर में देश भर के दिग्गज प्रायोजकों की मदद से होने वाले दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स का था, और फिल्मी सितारों की तरफ से यहां पहुंची सिर्फ जैकलीन फर्नांडीज, जिन्हें शायद कार्यक्रम के आयोजकों से अपने ईडी मामले में मदद मिलने की पूरी उम्मीद रही होगी।
Mumbai Film City: फिल्म सिटी को यूपी न जाने देने का एलान, दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा 300 कमरों का होटल
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भारत सरकार की तरफ से हर साल सिनेमा की एक दिग्गज हस्ती को मिलने वाले दादा साहेब फाल्के पुरस्कार का आकर्षण ऐसा है कि सिर्फ ये नाम सुनकर तमाम फिल्मी सितारे हर साल इस नाम से जुड़े पुरस्कारों में लाइन लगाकर पहुंच जाते हैं। तमाम बार इसे लेकर बातें भी हुईं कि एक राष्ट्रीय पुरस्कार के नाम से मिलते जुलते नाम वाले पुरस्कार निजी क्षेत्र से नहीं होने चाहिए लेकिन इस बार प्रधानमंत्री संग्रहालय के ही इस कार्यक्रम का सहयोगी बन जाने के बाद इसके आय़ोजकों का रुआब देखते ही बना।
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इस साल के दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स 20 फरवरी को होने हैं। पुरस्कार के लिए नामांकन कैसे होंगे, इन नामांकनों को तय करने का आधार क्या है, इन नामित कलाकारों में से विजेताओं का चयन करने वाली ज्यूरी कौन है या फिर अगर ये पुरस्कार दर्शकों की पसंद के आधार पर दिए जा रहे हैं तो इनके लिए वोटिंग कहां होगी, इसकी कोई जानकारी कार्यक्रम के आयोजकों ने रविवार को बुलाई गई इन अवार्ड्स के एलान की प्रेस कांफ्रेंस में नहीं दी।
इस बीच धीरे धीरे ही सही पर इस तरह के पुरस्कारों पर उंगली उठने का असर दिखने लगा है। दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स 2023 की प्रेस कांफ्रेंस में हिंदी सिनेमा का एक भी कामयाब सितारा नहीं पहुंचा। आदित्य रॉय कपूर आए जो बड़े परदे से सिमटकर अब ओटीटी पर पहुंच चुके हैं। जैकलीन फर्नांडीज आईं जिनकी इन दिनों दिल्ली तक पहुंच रखने वाले हर नेता से बस एक ही फरियाद है कि किसी तरह उन्हें ठग सुकेश के मामले से मुक्ति दिला दें। और, शो को होस्ट करने के लिए शरमन जोशी भी आए जिनका एक नया शो एक खेल चैनल पर जल्द ही शुरू होने वाला है। कार्यक्रम में चौंकाने वाली उपस्थिति रही महाराष्ट्र सरकार की तरफ से संचालित फिल्म सिटी के प्रबंध निदेशक अविनाश ढाकणे की।
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ढाकणे की मौजूदगी में कार्यक्रम के आयोजकों ने मुंबई फिल्म सिटी की जमकर तारीफें की। दावा किया कि मुंबई की फिल्म सिटी कहीं ना जा रही है और कुछ लोगों की भारतीय सिनेमा को बदनाम करने की कोशिशें किसी भी सूरत में सिरे नहीं चढ़ने वाली। इसी रौ में मुंबई फिल्म सिटी में 300 कमरों के एक होटल के बनने की शुरुआत हो जाने की जानकारी दी गई और दावा किया गया कि ये होटल दो साल के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। दादा साहेब फाल्के के नाम पर पुरस्कार दिए जाने का मसला प्रेस कांफ्रेंस में उठा तो आयोजकों की तरफ से ये जताने की कोशिश की गई कि उनका पुरस्कार समारोह तो असली है बाकी तो फिर बॉलीवुड में सलमान खान और अमिताभ बच्चन के भी बहुत सारे डुप्लीकेट हैं।
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