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मुमताज ने फिल्म 'हरे राम हरे कृष्ण' में देवानंद की बहन बनने से कर दिया था इनकार, वजह सुन हंस पड़े थे अभिनेता
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: स्वाति सिंह
Updated Sun, 21 Mar 2021 05:26 PM IST
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तेरे मेरे सपने
- फोटो : Social Media
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मुमताज 60-70 के दशक की बेहद सफल अभिनेत्री थीं। उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। मुमताज़ पहली बार देव आनंद से उनकी फिल्म 'तेरे मेरे सपने' के सेट पर 1970 में मिली थीं। देवानंद मुमताज के पास एक फिल्म का ऑफर लेकर आए और मुमताज को इसकी पूरी कहानी सुनाते हुए किरदार निभाने की पेशकश की।
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तेरे मेरे सपने
- फोटो : Social Media
इस फिल्म की कहानी मुमताज को बेहद पसंद आई। तब अभिनेत्री ने देव से पूछा कि फिल्म में जो एक चर्चित लड़की का रोल है, वह कौन निभा रहा है। इसके जवाब में देवानंद ने कहा- 'वह तुम करने वाली हो।'
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तेरे मेरे सपने
- फोटो : Social Media
यह सुनकर अभिनेत्री काफी निराश हुई और जब देवानंद ने उनसे इसकी वजह पूछी तो उन्होंने जवाब दिया, 'मैं आपकी बहन का किरदार नहीं निभाना चाहती।' मुमताज का मानना था कि उन्हें देवानंद को देखकर भाई वाले ख्याल ही नहीं आते हैं। बल्कि वह इतने रोमेंटिक हैं तो फिर उनके साथ बहन वाला रोल कैसे किया जा सकता है। यह बात सुनकर देवानंद हंस पड़े।
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देवानंद -जीनत अमान
- फोटो : सोशल मीडिया
मालूम हो कि यह कहानी साल 1971 में आई फिल्म 'हरे राम हरे कृष्ण' की थी। इस फिल्म में मुमताज एक छोटे से रोल में थीं और गाने गाते हुए नजर आई थीं। वहीं इस फिल्म में बहन का किरदार जीनत अमान ने निभाया था और फिल्म में सारी लाइमलाइट भी उन्हें ही मिल गई थी। 'बोलो सुबह शाम, हरे कृष्णा-हरे राम' गाना भी इसी फिल्म का हिस्सा है।
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मुमताज
- फोटो : सोशल मीडिया
मुमताज ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बाल कलाकार के तौर पर साल 1958 में फिल्म सोने की चिड़िया से की थी। साल 1969 में रिलीज हुई दो रास्ते से मुमताज को बड़ी पहचान मिली। इस फिल्म में उनके अपोजिट राजेश खन्ना था। दोनों ने एक साथ करीब 10 फिल्मों में काम किया। साल 1974 में मुमताज ने बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी रचा ली थी।
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