फिल्म अभिनेत्री, निर्माता और निर्देशक कंगना रनौत के मुंबई आने की तारीख का एलान होने के साथ ही मुंबई शहर में सिनेमा को लेकर हरदम चलने वाली सियासत इस बार थोड़ा ज्यादा तीखी हो गई। उदीयमान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के आकस्मिक निधन के बाद चल रहे कथित मीडिया ट्रायल पर पहली बार फिल्म निर्माताओं की संस्था प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने तीखी टिप्पणी की है। वहीं, मुंबई के निकटवर्ती शहर ठाणे में कंगना रनौत के पोस्टर की चप्पलों से पिटाई को लेकर नया विवाद भड़क उठा है।
कंगना के मुंबई आगमन को लेकर पुलिस सतर्क, ट्विटर पर फडणवीस की पत्नी से भिड़ीं शिवसेना प्रवक्ता
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मुंबई शहर की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से तुलना करने, मुंबई पुलिस आयुक्त को निशाने पर लेने और अपनी सुरक्षा के लिए केंद्र अथवा हिमाचल प्रदेश सरकार से आग्रह करने के बीच कंगना रनौत ने नौ सितंबर को मुंबई आने का एलान किया है। मुंबई पुलिस उन्हें सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच में शामिल होने के लिए पहले भी सम्मन भेज चुकी है, अब बहुत संभावना है कि इस मामले की जांच कर रही सीबीआई भी उनके इस बारे में पूछताछ करे।
कंगना के जिस बयान ने फिल्म इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा आहत किया है वह है इसके 99 फीसदी लोगों पर नशे के इस्तेमाल का आरोप। ये बात सच है कि मुंबई की कुछ विशेष फिल्मी पार्टियों में नशे का सामान खुले आम उपलब्ध होता है। कंगना के निशाने पर भी पहले ये निर्देशक ही रहे हैं लेकिन पूरे मामले का सामान्यीकरण करने के बाद उन्हें तीखे प्रतिरोध का सामना करना पड़ा रहा है। प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने इस पूरे मामले पर एक लिखित बयान जारी किया है।
#InSolidarity pic.twitter.com/3XL557tlZz
प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने अपने बयान में कहा है कि मीडिया का एक हिस्सा अपने पेजव्यूज, पाठक संख्या और टीआरपी बढ़ाने के लिए अपने पाठकों औऱ दर्शकों के सामने कुछ भी परोस रहा है। गिल्ड का कहना है कि बाहर से आने वाले किसी भी शख्स के लिए हर उद्योग में जगह बनाना मुश्किल रहा है और ऐसा सिर्फ फिल्मों में नहीं बल्कि राजनीति, कानून, कारोबार, औषधि औऱ मीडिया उद्योग में भी है। इसके बावजूद सिर्फ फिल्म उद्योग को इसके लिए निशाना बनाना ठीक नहीं है। गिल्ड ने माना कि नए लोगों और खासतौर से फिल्मी परिवारों से सम्बन्ध न रखने वालों के लिए यहां दिक्कतें हैं लेकिन ऐसे सैकड़ों, हजारों लोग हैं जिन्होंने बिना किसी रिश्ते के भी फिल्म उद्योग में शानदार सफलताएं अर्जित की हैं।
इस बीच महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाने को लेकर बीजेपी और शिवसेना फिर इस मसले पर आमने सामने है। शिवसेना की कुछ महिला कार्यकर्ताओं ने ठाणे में कंगना रनौत के पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया और इस दौरान पोस्टर पर चप्पल भी बरसाए। अमृता का ट्वीट इसी से सम्बन्धित माना जा रहा है। हालांकि, बीजेपी की स्थानीय इकाई ने कंगना के मुंबई की पीओके से तुलना किए जाने वाले बयान से किनारा कर लिया है, लेकिन अमृता फणनवीस के बयान ने इसमें फिर से घी डाल दिया। शिव सेना की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने अमृता को उनके इस बयान के लिए आड़े हाथों लिया है।
Madam, people have been freely expressing their views&beliefs everyday,so what right has been suppressed?You are okay with Mumbai being compared to PoK, Police as Mafia,calling it a city addicted to blood? Wonder why you refused to use your right to raise your voice for the city. pic.twitter.com/2RYm57KVP2