कुछ दशक पहले तक गांवों में नौटंकी और रामलीला के लिए घरों से चारपाइयां लेकर जाने वाले लोग अब उन्हीं चारपाइयों पर घर में लेटे लेटे दुनिया भर की सामग्री अपने मोबाइल पर देखने लगे हैं। वीडियो की ओवर द टॉप (ओटीटी) सर्विस प्रदाता कंपनियों में एक बड़ा नाम अमेजन प्राइम वीडियो का है। प्राइम वीडियो की भारतीय शाखा के दो निदेशकों गौरव गांधी और विजय सुब्रमण्यम से अमर उजाला के लिए पंकज शुक्ल ने ये एक्सक्लूसिव बातचीत की।
अमर उजाला EXCLUSIVE : प्राइम वीडियो के निदेशकों से समझिए कैसे बदलाव ही कामयाबी की पहली सीढ़ी है..!!
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गौरव, बातचीत की शुरूआत आपसे करते हैं, आप अमेजन प्राइम वीडियो के भारत में कंट्री जनरल मैनेजर हैं। प्राइम वीडियो की भारतीय दर्शकों के लिए प्राथमिकता क्या है?
भारत विविधताओं का देश है। और, प्राइम वीडियो पर हमारी सामग्री भी विविध है। आज हम देश की 10 भाषाओं में अपनी मनोरंजन सामग्री उपलब्ध कराते हैं। बाहर से भी जो सीरीज या फिल्में लेकर हम आ रहे हैं, उन्हें भी हम भारतीय भाषाओं में डब कर रहे हैं। और, सिर्फ इतना ही नहीं हमने अपने ऐप में निर्देश देने या सर्च करने के लिए भी हिंदी के साथ तमिल और तेलुगू में सुविधा मुहैया कराई है। हम पूरे भारत में हैं। आज के समय में हमारी सेवाएं देश के 4300 शहरों व कस्बों तक पहुंच रही है, जो हमारे लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इन सेवाओं में हम अपने दर्शकों को सिर्फ नई फिल्में और सीरीज ही नहीं दिखाते बल्कि खरीदारी और संगीत का भी अलग अनुभव देते हैं।
विजय, अमेजन प्राइम वीडियो पर जो भी सामग्री परोसी जा रही है, उसके आप मुखिया हैं। सीरीज ‘पाताललोक’ या फिर ‘शकुंतला’ या ‘गुलाबो सिताबो’ जैसी फिल्मों ने आपको दूसरे ओटीटी के मुकाबले कितनी बढ़त दिलाई है?
हमने भारत में जो तरक्की हासिल की है, वह हमारी पिछले दो-तीन साल की मेहनत और लगातार काम करने का नतीजा है। कोरोना के समय में भी हमारे पास ऐसी सामग्री तैयार थी, जिसकी योजना हमने काफी पहले से बनाई थी। ‘पाताल लोक’, ‘बंदिश बैंडिट्स’ या फिर ‘फोर मोर शॉट्स’ का दूसरा सीजन, ये सब हमारे ओटीटी के लिए ही बनी ओरीजनल सामग्री है। देश के तमाम बड़े बड़े स्टूडियो से हमारा गहरा रिश्ता हो चुका है। तो उसकी वजह से ही हम ये सब कर सके।
इन रिश्तों की वजह से ही आपको कुछ बड़ी फिल्में अपने ओटीटी पर दिखाने में सफलता मिल सकी?
जी बिल्कुल, इन निर्माताओं से जब हमने बात की, उन्हें जब हमने मौका दिखाया और उन्हें ये बताया कि सिनेमा में अभी विकल्प नहीं है। फिर हमने उन्हें जब ये दिखाया कि उनका सिनेमा दुनिया के कितने देशों में एक साथ देखा जाएगा तो सबने इसको बहुत अच्छे से समझा। हम लोग इन सबके साथ तीन चार साल से काम करते आए हैं। सबके साथ हमारा लंबा रिश्ता रहा है। हाल के समय में दर्शकों को भी हमारी सामग्री पसंद आई है और हम अच्छा ही कर रहे हैं।
आपने निर्माता विक्रम मल्होत्रा और अभिनेता अक्षय कुमार को लेकर एक सीरीज की घोषणा पिछले साल की थी, उसमें क्या प्रगति है?
अभी उस शो के बारे में मैं इतना ही कह सकता हूं कि वह विकास के क्रम में है। हमने उसकी कोई समय सीमा या समय रेखा बनाई नहीं है। वैसे भी कोविड 19 की वजह से बुहत सारा काम शुरू ही नहीं हो सका है।