फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pritam Chakraborty EXCLUSIVE: क्या हुआ जब मिला गुलजार के गीत को संगीतबद्ध करने का मौका, जानिए खुद प्रीतम से

Wed, 14 Jun 2023 10:58 AM IST
Virendra Mishra वीरेंद्र मिश्र
Updated Wed, 14 Jun 2023 10:58 AM IST
विज्ञापन
Pritam Chakraborty Birthday know how singer got a chance to compose gulzar song read her exclusive interview
डायरेक्टर प्रीतम चक्रवर्ती - फोटो : सोशल मीडिया

14 जून 1971 को कोलकाता में जन्मे हिंदी सिनेमा के मशहूर संगीतकार प्रीतम चक्रवर्ती ने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें संगीतकार बनना है। हालांकि संगीत का माहौल बचपन से ही उनके घर पर रहा। प्रीतम के पिता  प्रबोध चक्रवर्ती मशहूर गिटार वादक थे और बच्चों को गिटार सिखाते थे। उनकी मां अनुराधा चक्रवर्ती का भी झुकाव संगीत की तरफ रहा है, लेकिन कभी भी उन्होंने इसे अपना प्रोफेशन नहीं बनाया। प्रीतम का संगीत से पहला परिचय उनके पिता ने ही कराया था, लेकिन उनके पिता नहीं चाहते थे कि प्रीतम संगीत के क्षेत्र में अपना करियर बनाएं। फिर कोलकाता से निकल कर प्रीतम ने इंडस्ट्री में कैसे धूम मचाई? आइए जानते हैं, खुद प्रीतम की कहानी, उन्हीं की जुबानी...

Pritam Chakraborty Birthday know how singer got a chance to compose gulzar song read her exclusive interview
डायरेक्टर प्रीतम चक्रवर्ती - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सोचा नहीं था संगीतकार बनूंगा
बचपन में तो कभी ऐसा सोचा नहीं था कि आगे चलकर संगीतकार बनना है। अभी तो बहुत सारे प्रोफेशन हैं जिसमें करियर बनाया जा सकता है। हमारे जमाने में तो डॉक्टर, इंजीनियर, सीए के अलावा दूसरे प्रोफेशन के बारे में सोचते ही नहीं थे।मेरे पापा हमेशा से यही कहते थे कि म्यूजिक के क्षेत्र में मत जाओ, क्योंकि वह सुरक्षित काम नहीं है। तुम्हे कोई जॉब करना चाहिए। मेरे ध्यान में यह कभी नहीं था कि म्यूजिक को अपना प्रोफेशन बनाऊंगा। कोलकाता के बहुत ही लोअर मिडिल क्लास परिवार से मैं आता हूं। मुंबई आकर म्यूजिक के बारे में संघर्ष करने का न मेरा ड्रीम नहीं था और न ही हिम्मत।

Pritam Chakraborty Birthday know how singer got a chance to compose gulzar song read her exclusive interview
डायरेक्टर प्रीतम चक्रवर्ती - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

डैडी ने कराई संगीत से पहचान
मेरे डैडी  को म्यूजिक से बहुत प्यार था। वैसे तो वह रेलवे में काम करते थे। लेकिन मेरे घर पर म्यूजिक का स्कूल था और डैडी बच्चों गिटार सीखते थे। गिटार उनका बहुत ही फेवरेट था। म्यूजिक से मेरी जो पहचान हुई है, वह डैडी के वजह से ही हुई है। मम्मी को भी म्यूजिक का बहुत शौक है। मम्मी स्कूल टीचर थी, लेकिन कभी म्यूजिक को अपना प्रोफेशन  बनाने के बारे में नहीं सोचा था। डैडी को लगता था कि शौकिया तौर पर म्यूजिक ठीक है, लेकिन इसे प्रोफेशन नहीं बनाया जा सकता है। इसलिए वह चाहते थे कि पढाई करके कोई न कोई जॉब कर लूं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Pritam Chakraborty Birthday know how singer got a chance to compose gulzar song read her exclusive interview
डायरेक्टर प्रीतम चक्रवर्ती - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

साउंड इंजीनियरिंग के रास्ते आया
जब मेरा ग्रेजुएशन खत्म हुआ तो मैं जियोलॉजी में  एमएससी कर रहा था। लेकिन मेरा मन पढाई में  नहीं लग रहा था। शौकिया  पर एक म्यूजिक बैंड से जुड़ गया और मैं गिटार बजाता था। उस दौरान मैंने सोचा कि  यूपीएससी का एग्जाम  दूंगा, अगर आईईएस नहीं बन पाया तो बैंक या कहीं और जॉब कर लूंगा। उसी  दौरान मैने एक अखबार में पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट का एक विज्ञापन देखा। इससे पहले मुझे कभी मालूम भी नहीं था कि कोई फिल्म इंस्टीट्यूट होता भी है। उसमे साउंड रिकॉर्डिंग इंजीनियरिंग का एक कोर्स था। मेरे लिए यह अच्छा भी था, क्योंकि यह फिल्म मेकिंग से जुड़ा हुआ विषय है। मैं खुश हो गया क्योंकि यह मेरे रूचि का विषय था।  घर के लिए यह साउंड इंजिनियरिंग कोर्स था। इसलिए मैं घर पर बोल सका कि इंजीनियरिंग करने जा रहा रहा हूं।

विज्ञापन
Pritam Chakraborty Birthday know how singer got a chance to compose gulzar song read her exclusive interview
डायरेक्टर प्रीतम चक्रवर्ती - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

केदार आवती बने पहले मार्गदर्शक
मैं कोलकाता से पूना साल 1994 में आ गया। फिल्म इंस्टीट्यूट में आने के बाद मैं फिल्म इंडस्ट्री के करीब आ गया क्योंकि पूना से मुंबई नजदीक ही था। फिल्में  कैसे बनती है,  वह सब मैंने एक साल फिल्म इंस्टीट्यूट के कॉमन कोर्स में सीखा, जिसमे कैमरा, डायरेक्शन, एडिटिंग सिखाया जाता है। उसके बाद मैंने साउंड रिकॉर्डिंग इंजीनियरिंग का कोर्स किया। वहां के मेरे म्यूजिक प्रोफेसर केदार आवती  के साथ बहुत ही अच्छे संबंध बन गए । उनके वजह से फिल्म म्यूजिक कैसा होता है, सीखा। वहां पर आठ डिप्लोमा फिल्मों में म्यूजिक दिया। केदार आवती जी के साथ उनकी कुछ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में सहायक के तौर पर काम किया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed