{"_id":"5ce3a727bdec22070264bce5","slug":"rajeev-gandhi-death-anniversary-know-how-sonia-came-india-first-time-and-stay-with-bachchan-family","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अमिताभ की मां ने करवाई थी राजीव-सोनिया की शादी, इस वजह से दोनों खानदान के बीच रिश्ता हुआ खत्म","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
अमिताभ की मां ने करवाई थी राजीव-सोनिया की शादी, इस वजह से दोनों खानदान के बीच रिश्ता हुआ खत्म
Tue, 21 May 2019 12:52 PM IST
भावना शर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: भावना शर्मा
Updated Tue, 21 May 2019 12:52 PM IST
विज्ञापन
rajeev gandhi
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांधी और बच्चन परिवार के याराना का तो इतिहास भी गवाह रहा है । अमिताभ बच्चन और राजीव गांधी का बचपन साथ खेलते-कूदते बीता। दोनों परिवार के रिश्तों के बीच काफी उतार-चढ़ाव भी आए । फिर एक समय ऐसा आया जब दोनों परिवार के संबंधों में विश्वास की गाड़ी पटरी से उतर गई । दोनों परिवार के बीच रिश्ते की कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म की कहानी से कम नहीं है । बच्चन और गांधी परिवार के संबंध जुड़ने से टूटने तक की पूरी कहानी पर आज बात करते हैं ।
indira gandhi
- फोटो : social media
अमिताभ बच्चन के पिता विदेश मंत्रालय में हिंदी अधिकारी के रूप में काम करते थे। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू उनके काम, सच्चाई और सिद्धांतों की बहुत इज्जत करते थे। इलाहाबाद में रहते हुए दोनों परिवार बहुत करीब आ गए। अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन, नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी की बहुत अच्छी दोस्त बन गईं। बाद में जब बच्चन परिवार दिल्ली शिफ्ट हुआ तब तेजी बच्चन को सोशल एक्टिविस्ट के रूप पहचाना जाने लगा और इंदिरा के साथ उनकी दोस्ती गहरी होती गई।
amitabh bachchan
- फोटो : social media
1984 में इंदिरा गांधी की हत्या तक दोनों परिवारों के संबंध बहुत घनिष्ठ रहे। यह रिश्ता अमिताभ और राजीव गांधी की दोस्ती के रूप में आगे बढ़ता गया। यह अमिताभ बच्चन ही थे, जो 13 जनवरी 1968 की सुबह कड़ाके की सर्दी में पालम एयरपोर्ट पर सोनिया गांधी को लेने पहुंचे थे। इस दिन सोनिया गांधी, राजीव की मंगेतर के रूप में भारत आई थीं । सोनिया को बच्चन परिवार के घर ठहराया गया और तेजी ने उनको भारतीय संस्कृति और तौर तरीकों के बारे में समझाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमिताभ बच्चन और राजीव गांधी
ऐसा भी कह सकते हैं कि तेजी ने सोनिया के लिए उनकी मां का रोल निभाया था । खबरों के मुताबिक, राजीव गांधी जब सोनिया गांधी से शादी करने की तैयारी में थे तब तेजी बच्चन ने ही मध्यस्थ के रूप में भूमिका निभाई थी । इंदिरा गांधी एक इटैलियन लड़की से अपने बेटे की शादी को लेकर अनिच्छुक थीं। इंदिरा गांधी को शादी के लिए तैयार करने वाली तेजी ही थीं । 1969 में जब सोनिया और राजीव गांधी की शादी पक्की हो गई, सोनिया और उनका परिवार कुछ दिनों के लिए, विलिंगडन क्रीसेंट स्थित बच्चन परिवार के आवास पर ठहरा।
विज्ञापन
राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन
1984 में अमिताभ और राजीव गांधी के रिश्ते नई ऊंचाई पर थे, राजीव गांधी ने अपने दोस्त अमिताभ बच्चन को कांग्रेस के टिकट पर इलाहाबाद से चुनाव लड़ने के लिए तैयार कर लिया। 1984 में अमिताभ बच्चन को इलाहाबाद से कांग्रेस का टिकट मिला और उन्होंने बड़े अंतर से हेमवती नंदन बहुगुणा को हराया। दोनों परिवारों के लिए यह गर्व का क्षण था। इसके बाद दिल्ली में अमिताभ बच्चन कांग्रेस की यूथ ब्रिगेड का हिस्सा बन गए। सतीश शर्मा, अरुण नेहरू, अरुण सिंह और कमलनाथ के साथ उनकी तुलना होने लगी।