कॉमेडी की दुनिया का अनमोल नगीना आज कहीं खो गया। कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने आज इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। बीते महीने 10 अगस्त 2022 को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां लगातार उनका इलाज चल रहा था। वह वेंटिलेटर पर थे और उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार होने की बात कही जा रही थी, लेकिन आज बुधवार को 41 दिन तक वेंटिलेटर से जंग लड़ रहे राजू श्रीवास्तव ने अंतिम सांस ली। इसी खबर के साथ उनके चाहने वालों को सारी उम्मीदें टूट गईं और सभी को मायूस कर गई। लेकिन सभी का मानना है कि हंसी के सरताज की यादें हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी। इस समय हर कोई उनको श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, इनमें उनके दोस्तों से लेकर देश की बड़ी-बड़ी हस्तियां शामिल हैं। ऐसे उनके दोस्त और राजू की मदद से ही अपने आपको इंडस्ट्री में स्थापित करने वाले सुनील पाल ने भी दुख जताया है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर क्यों सुनील पाल राजू श्रीवास्तव को अपना आदर्श मानते है।
Raju Srivastav: पहली मुलाकात में राजू श्रीवास्तव ने सुनील पाल को दिया था यह तोहफा, जानकर यकीन नहीं करेंगे आप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जब सुनील पाल बोले जॉनी लीवर नहीं राजू श्रीवास्तव बनूंगा
राजू श्रीवास्तव के निधन की खबर ने उनके दोस्त सुनील पाल को झंझोर कर रख दिया। सुनील ने राजू को नम आंखों से याद करते हुए बताया कि आखिर क्यों गजोधर भैया उनके लिए आदर्श थे। सुनील पाल ने कहा, 'आज मैं जो कुछ भी हूं, राजू भाई की वजह से हूं। मैंने उन्हीं की वजह से इंडस्ट्री में कदम रखा। जब मैं स्कूल में था तो जॉनी लीवर की कॉमेडी कैसेट खरीद कर सुनता था। उनकी कॉमेडी मुझे बहुत पसंद आती थी। उन्हीं दिनों राजू श्रीवास्तव का कैसेट 'हंसना मना है' आया था। कैसेट के कवर पर उनका अमिताभ बच्चन के स्टाइल जैसा फोटो था। मैं कैसेट खरीद कर लाया और सुनने सुनने हंसी से पागल हो गया। जॉनी लीवर साहब उन दिनों बहुत बड़े स्टार थे। मैंने सोचा जॉनी लीवर जैसा तो नहीं बन सकता, लेकिन राजू श्रीवास्तव जैसा बनने की कोशिश जरूर कर सकता हूं।'
दीपू से मिला राजू श्रीवास्तव का नंबर
राजू श्रीवास्तव की कैसेट 'हंसना मना' है से सुनील पाल को इतनी प्रेरणा मिली के उन्होंने मुंबई का सफर तैय करने का फैसला कर लिया। सुनील पाल ने वो कैसेट बार-बार सुनी और मुंबई आ गए। मुंबई पहुंचने के बाद सुनील पाल धोबी तालाब के पास हो रहे एक कार्यक्रम में पहुंचे, जहां राजू श्रीवास्तव के छोटे भाई दीपू श्रीवास्तव परफॉर्म कर रहे थे। सुनील पाल तब तक राजू के इतने बड़े फैन बन गए थे कि वह दीपू को गजोधर भैया समझ कर बात करने लगे। दीपू की शक्ल राजू भाई से बहुत मिलती-जुलती थी, जिसकी वजह से वह दोनों में अंतर नहीं कर पाए थे। लेकिन जब बाद में सुनील को पता लगा कि यह गजोधर भैया नहीं उनके भाई दीपू हैं, तो उन्होंने दीपू से राजू भाई से मिलने की इच्छा जताई। दीपू ने मुझे राजू श्रीवास्तव का नंबर देते हुए कहा कि तीन चार दिन के बाद सुबह फोन कर लेना।
Raju Srivastav Death News LIVE: राजू के निधन से नम हुईं आंखें, उत्तर प्रदेश विधानसभा ने रखा 2 मिनट का मौन
राजू श्रीवास्त ने सुनील पाल को दिए 500 रुपये
दीपू की बात को याद रखते हुए सुनील पाल ने राजू श्रीवास्तव को चार दिन के बाद फोन किया, जो खुद राजू श्रीवास्तव ने ही उठाया। सुनील पाल ने राजू से कहा कि ' मैं आपका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और दीपू भाई ने आपका नंबर दिया है।' राजू श्रीवास्तव ने अगले दिन मुझे बीआर रिकॉर्डिंग स्टूडियो में करीब डेढ़ बजे मिलने के लिए बुलाया था। लेकिन मिलने के उत्साह में वह कोट पेंट पहनकर साढ़े बारह बजे ही वहां पहुंच गए। सुनील पाल को देखकर राजू श्रीवास्तव ने कहा कि इतनी गर्मी में कोट क्यों पहनकर आए हो ? इसके जवाब में सुनील बोले कि आपसे मिलना था, इसलिए। सुनील की यह बात सुनकर राजू जोर-जोर से हंसने लगे। रिकॉर्डिंग खत्म होने के बाद राजू ने मुझे पांच सौ रुपए देते हुए कहा कि 'मैं जानता हूं कि तुम स्वाभिमानी आदमी हो पैसे नहीं लोगे, लेकिन रख लो तुम्हारे संघर्ष में काम आएगा।'
कैसेट में काम करने का मौका देते थे राजू
बी आर रिकॉर्डिंग स्टूडियो में हुई पहली मुलाकात के बाद सुनील पाल और राजू श्रीवास्तव का मिलने का सिलसिला शुरू हो हो गया। राजू श्रीवास्तव अक्सर सुनील पाल की मदद करने की कोशिश करते थे, लेकिन सुनील उनसे काम देने के लिए कहा करते थे। सुनील पाल ने खुद बताया है कि 'राजू श्रीवास्तव अपने कैसेट में मेरी आवाज में एक दो लाइन का कोई न कोई डायलॉग रख ही देते थे। जबकि मेरी आवाज की उन्हें बिल्कुल जरूरत नहीं थी।' इतना ही नहीं राजू श्रीवास्तव सुनील को अपने शो में भी मुझे परफॉर्म करने का मौका देते रहते थे। इस तरह से संघर्ष के दिनों में राजू श्रीवास्तव ने सुनील की बहुत मदद की थी। फिर सुनील पाल और राजू श्रीवास्तव की मुलाकात 'द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' शो के दौरान हुई, जहां उन्हें देख वह काफी डर गए थे। लेकिन राजू इतने सज्जन थे कि उन्होंने वहां मौजूद सभी को साहस दिया कि सब उनके साथ परफॉर्म कर पाएं।