हिंदी सिनेमा का 100 साल से भी ज्यादा पुराना इतिहास है। जिस तरह से भारत विविध भाषाओं का देश है। उसी प्रकार भारतीय सिनेमा भी विविध भाषाओं के सिनेमा के रूप में इतने वर्षों में उभरा है। हिंदी सिनेमा को 'बॉलीवुड' भी कहा जाता है। उसी प्रकार हर भाषा के सिनेमा को राज्यवार अलग किया गया है। लेकिन विविध रूप के इस सिनेमा में एक चीज आम है, ये है 'वुड' शब्द का प्रयोग। हम किसी भी भाषा का सिनेमा क्यों ना देख लें उसके नाम में 'वुड' हमेशा ही होता है। क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे क्या वजह है और इसकी शुरुआत कहां से हुई?
हॉलीवुड- बॉलीवुड से लेकर टॉलीवुड तक, जानिए कैसे पड़े सिनेमाओं के नाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बॉलीवुड
हिन्दी सिनेमा का मुख्य गढ़ बॉम्बे (मुंबई) को कहा जाता है और इसलिए ही हिन्दी सिनेमा इंडस्ट्री का नया नाम 'बॉलीवुड' पड़ा। बॉलीवुड हालांकि अब इतना आगे बढ़ चुका है कि इंटरनेशनल लेवल पर भी इसकी फिल्में दिखाई जाने लगी हैं और विदेशों में भी बॉलीवुड की कई फिल्में बेहतरीन कमाई करती हैं।
टॉलीवुड
'टॉलीवुड' तेलुगु सिनेमा को कहा जाता है, वहीं इसके पहले इसे वेस्ट बंगाल यानी बंगाली सिनेमा के लिए उपयोग किया जाता था। इसका नाम भी कोलकाता की टॉलीगंज नाम की एक जगह के आधार पर पड़ा है। हालांकि अब तेलुगु सिनेमा ज्यादा पॉपुलर हो गया है, ऐसे में अब 'टॉलीवुड' का इस्तेमाल तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के लिए किया जाता है।
कॉलीवुड
यह नाम तमिल सिनेमा के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका आधार भी तमिलनाडु के कोडम्बकम से लिया गया है, जो तमिल फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेस्ट जगह मानी जाती है।
मॉलीवुड
मॉलीवुड मलयालम फिल्मों के लिए इस्तेमाल होता है। केरल के मालुस नामक जगह के आधार पर मलयालम भाषा की फिल्मों को मॉलीवुड कहा जाता है।