बीते दिनों महाराष्ट्र के पालघर जिले में हुई भीड़ हिंसा ने हर किसी को झगझोरकर रख दिया है। इस भीड़ हिंसा में कुल तीन लोगों की मौत हुई जिसमें दो साधु थे। इस घटना की चौतरफा निंदा हो रही है। कई बॉलीवुड सितारों ने भी पालघर भीड़ हिंसा की आलोचना की है। इस बीच बीआर चोपड़ा के महाभारत सीरियल में द्रौपदी का किरदार निभाने वाली मशहूर अभिनेत्री रूपा गांगुली ने खुद के साथ हुई ऐसी ही एक दर्दनाक घटना का खुलासा किया है।
महाभारत की 'द्रौपदी' रूपा गांगुली भी हो चुकी हैं भीड़ हिंसा का शिकार, ऐसे किया चार साल पुरानी घटना का खुलासा
रूपा गांगुली ने बताया कि चार साल पहले उन्हें भी ऐसी भीड़ हिंसा का शिकार होना पड़ा था। वह बहुत मुश्किलों से खुद की जान बचा पाई थीं। रूपा गांगुली ने बताया कि चार साल पहले करीब 17 से 18 लोगों ने उन्हें गाड़ी से उतारकर मारा था। इतना ही नहीं हिंसक लोगों ने उनकी गाड़ी भी तोड़ दी थी। इस बात का खुलासा रूपा गांगुली ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट के जरिए किया है।
मुझे कुछ दीनो से याद आरहा है, 22मई 2016 diamond harbour का घटना 17/18 लोग, पुलिस को साथ लेकर, मुझे गाड़ी से उतारकर रास्ते पे पटक पटक कर मारे थे, गाड़ी तोर फ़ोर किये, दो Brain Haemorrhage झेलने पड़े। बस,मै मर नही गयी, rally driver हू, निकल कर आगयी
Feeling sad abt #WB & #Palghar
पालघर की घटना के जरिए खुद के साथ हुई भीड़ हिंसा को याद करते हुए रूपा गांगुली ने अपने ट्वीट में लिखा, 'मुझे कुछ दिनों से याद आ रहा है कि 22 मई, 2016 को डायमंड हार्बर में घटना हुई थी। जिसमें 17/18 लोग पुलिस को साथ लेकर, मुझे गाड़ी से उतारकर रास्ते पर पटक-पटकर मार रहे थे। गाड़ी भी तोड़-फोड़ दी थी। सिर पर दो मस्तिष्क रक्तस्त्राव (Brain Haemorrhage) झेलने पड़। बस मैं मरी नहीं थी, रैली ड्राइवर हूं, निकलकर आ गई।'
हे कृष्ण हे कृष्ण हे कृष्ण #महाभारत #Mahabharat pic.twitter.com/RE0TJSmek3
इस ट्वीट के साथ रूपा गांगुली ने अपने चर्चित और सुपरहिट सीरियल महाभारत से जुड़ा बेहद खास वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में द्रौपदी के चीर-हरण सीन को दिखाया गया है। इस वीडियो के ट्वीट में रूपा गांगुली ने लिखा, 'हे कृष्ण, हे कृष्ण, हे कृष्ण'। सोशल मीडिया पर रूपा गांगुली के इस ट्वीट पर तमाम सोशल मीडिया यूजर्स और उनके फैंस कमेंट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
आपको बता दें कि बीते रविवार को महाराष्ट्र के पालघर जिले में दो संतों और उनके ड्राइवर की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। दोनों साधु जूना अखाड़े के थे। साधु महंत सुशील गिरी महाराज (35), महंत चिकने महाराज कल्पवृक्ष गिरी (65) अपने ड्राइवर निलेश तेलगडे (30) के साथ मुंबई से गुजरात के सूरत में अपने साथी के अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे। पालघर के एक गांव में गांववालों ने इन्हें डकैत समझकर पीट-पीटकर मार डाला। इस मामले में 101 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
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