शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूज सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपने विचार साझा करती रहती हैं। हाल ही में मीरा ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बचाव में एक पोस्ट शेयर किया है। दरअसल, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है और इसी को लेकर जेलेंस्की काफी चर्चा में हैं। इसी बीच मीरा ने जेलेंस्की के कपड़ों को लेकर किए गए एक ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
Mira Rajput: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बचाव में आईं मीरा राजपूत, कपड़ों की आलोचना करने वाले को लगाई लताड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाल ही में जेलेंस्की ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए भाषण दिया था, जिसे ट्विटर पर लोगों ने सराहा था। इसी भाषण को लेकर अमेरिका के आर्थिक सलाहकार पीटर शीफ ने ट्वीट कर जेलेंस्की के कपड़ों पर टिप्पणी की थी। उन्होंने लिखा था कि मैं समझ सकता हूं कि परिस्थितियां विपरीत है, लेकिन क्या यूक्रेन के राष्ट्रपति के पास एक सूट भी नहीं है? मैं यूएस कांग्रेस में मौजूद कई लोगों को पसंद नहीं करता, लेकिन फिर भी मैं टी-शर्ट पहनकर उन्हें संबोधित नहीं करता। मैं यूनाइटेड स्टेट के इंस्टीट्यूशन का अनादर नहीं करना चाहता।

इसी ट्वीट का स्क्रीनशॉट लेकर मीरा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया, जिसमें जेलेंस्की ग्रीन कलर की टी-शर्ट पहने नजर आ रहे हैं। मीरा ने लिखा कि आपका बस चले तो आप उन्हें कफलिंक पहनने के लिए कहेंगे... क्या हम लुक को लेकर इतने प्रभावित होते हैं कि हम वास्तविकता को भूल जाते हैं? इतने बुरे हालातों मे भी आप एक राज्य के प्रमुख से यह उम्मीद कर रहे हैं कि वह अपने सूट को प्रेस करके पहने?
पीटर शीफ को अपने ट्वीट के बाद कई लोगों की खरी खोटी सुननी पड़ी। एक यूजर ने लिखा कि आप एकदम सही कह रहे हैं। अपनी राजधानी में गोलीबारी, हत्या के प्रयासों और हमलों के बीच अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करने के लिए उन्हें वास्तव में सूट को प्रेस करके ही पहनना चाहिए था।
मीरा राजपूत की तरह ही कई सेलेब्स यूक्रेन के राष्ट्रपति को सपोर्ट कर चुके हैं। जेलेंस्की की बहादुरी की हर तरफ तारीफ हो रही है। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने भी युद्ध को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि यूक्रेन में स्थिति भयावह है और निर्दोष लोग हमलों से डरे हुए हैं।