हिंदी सिनेमा में दिग्गजों के झगड़े निपटाने में सबसे अहम रसूख रखने वाले अभिनेता सलमान खान को डराकर कनाडा से संचालित अंडरवर्ल्ड गिरोह क्या संदेश देना चाहता है? मुंबई पुलिस इस बात की तफ्तीश बहुत संजीदगी से कर रही है। सलमान खान के निकटवर्ती सूत्र बताते हैं कि इस बारे में सलमान खान से भी लंबी बातचीत पुलिस ने की है। पुलिस जानना चाहती है कि काले हिरण के मामले से गुस्साए बिश्नोई समाज का ही ये पूरा मामला है, या फिर इसका राज कुछ और ही है। अब तक की तफ्तीश के हिसाब से सलमान खान का एक पुराना किस्सा हाल के ही दिनों में फिर से ताजा हुआ है और इसी सिलसिले में उनके घर पर गोलियां चलाकर अंडरवर्ल्ड ने उन्हें चेतावनी दी है।
Salman Khan Firing: सलमान खान के घर पर फायरिंग का अतीत से जुड़ा कनेक्शन, जानिए बॉलीवुड में कब कब गूंजी गोलियां
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फिल्म इंडस्ट्री में कैसेट किंग के नाम से मशहूर गुलशन कुमार की हत्या के साथ अंडरवर्ल्ड की सीधी दखल सामने आई थी। उससे पहले तक सब कुछ परदे के पीछे ही होता रहता था और हिंदी फिल्मों में पैसे लगाने के मामले में अंडरवर्ल्ड का दखल सीधे निर्माता के जरिये होता रहता था। फिल्मों में हीरोइनों के चयन से लेकर किसी खास फिल्म वितरण क्षेत्र के अधिकारों तक के फैसले अंडरवर्ल्ड के पास पहुंचने शुरू हो चुके थे।
ऋतिक रोशन की बतौर हीरो पहली फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ के समय भी मुंबई में गोलियां चली थीं। इस फिल्म की सफलता के बाद अंडरवर्ल्ड के लोग रंगदारी के रूप में उनसे फिल्म की कमाई का हिस्सा मांग रहे थे लेकिन राकेश रोशन ने उनकी नहीं सुनी। यही वजह रही कि उन्हें डराने और रंगदारी वसूलने को उन पर गोली चलाई गई। लेकिन, उनकी जान बच गई थी।
अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम का नाम गुलशन कुमार, राकेश रोशन के बाद गायक दलेर मेहंदी पर हुए हमले से भी जुड़ा। दलेर मेहंदी ने खुद इसकी पुष्टि एक साक्षात्कार में की। उन्होंने बताया कि गोली चलाने से पहले अबू सलेम का फोन आया था और गोली चलाने के बाद भी फोन आया और बोला अब विश्वास हो गया कि मैं अबू सलेम हूं। अबू सलेम ने उनसे रंगदारी वसूलने को लेकर वर्ष 2000 में अपने गुर्गे उस्मान से उन पर गोली चलवाई थी, जिसके बाद उनके साथ एक साल तक 17 पुलिस वाले रहे।