मशहूर फिल्मकार संजय लीला भंसाली की महत्वकांक्षी फिल्म 'हीरा मंडी' एक बार फिर से चर्चाओं में है। जानकारी के मुताबिक संजय की फिल्म प्रोडक्शन कंपनी ने इस फिल्म के लिए नए सिरे से बातचीत शुरू की है और माना जा रहा है कि इस बार ये फिल्म सिनेमाघरों के लिए नहीं बल्कि सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए बनाने की योजना है।
फिर छिड़ी बात भंसाली की बहुप्रतीक्षित फिल्म की, इस बार निर्देशन की कमान सौपी ‘गुजारिश’ के राइटर को
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
'हीरा मंडी' की बातचीत को लेकर चर्चाएं ट्रेड और कभी कभी खुद संजय लीला भंसाली की तरफ से आती रही है। लेकिन, जाहिर है कि यह प्रोजेक्ट अब तक कारगर साबित नहीं हुआ। संजय दूसरों की फिल्मों में भी पैसा लगाते रहे और उन्होंने अपनी खुद की फिल्मों का भी निर्माण किया लेकिन उनका ये महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट किसी न किसी वजह से सिरे नहीं चढ़ सका।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती धमक के बीच बताते हैं कि संजय ने इस कहानी को अब ओरीजनल्स के तौर पर एक ओटीटी के लिए बनाने का फैसला किया है। जानकारी मिली है कि संजय लीला भंसाली अब फिल्म 'हीरा मंडी' का निर्देशन खुद नहीं करेंगे, बल्कि उन्होंने यह जिम्मेदारी विभु पुरी को सौंप दी है। विभु और संजय दोनों वर्ष 2010 में रिलीज हुई फिल्म 'गुजारिश' में साथ काम कर चुके हैं। इस फिल्म का निर्देशन संजय ने किया है जबकि विभु ने इसके संवाद लिखे थे।
विभु को फिल्में निर्देशित करने का भी अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2015 में आई आयुष्मान खुराना की फिल्म 'हवाईजादा' का निर्देशन कर रखा है। बताया जा रहा है कि वह 'हीरा मंडी' की शूटिंग भी अगले साल की पहली तिमाही से शुरू कर देंगे। फिलहाल तो वह इसके प्री प्रोडक्शन पर काम कर रहे हैं। संजय की फिल्म 'हीरा मंडी' रेड लाइट एरिया में जिस्मफरोशी का काम करने वाली एक औरत की कहानी है।
संजय लीला भंसाली की फिल्म 'हीरा मंडी' की कहानी कोठे पर काम करने वाली एक महिला के नजरिए से दिखाई जाएगी। जबकि, आलिया भट्ट की फिल्म 'गंगूबाई काठियावाड़ी' की कहानी एक कोठे को चलाने वाली मैडम की है। 'गंगूबाई काठियावाड़ी' सिनेमाघरों में रिलीज होगी और संजय ने अपनी दूसरी महत्वाकांक्षी फिल्म को ओटीटी के लिए बनाने का फैसला किया।
पढ़ें: मशहूर अभिनेत्री फरीदा बेगम का निधन, पाकिस्तानी सिनेमा में छोड़ी थी अपनी अमिट छाप