बॉलीवुड सितारे जब भी अपने घरों से बाहर निकलते हैं अपनी फिल्मों की शूटिंग करने के लिए या फिर फिल्मों के प्रमोशन, ऐड फिल्म्स, इवेंट्स, आवॉर्ड्स समारोह, शादी या फिर पार्टी करने के लिए, ये कभी कहीं अकेले नहीं दिखते हैं। उनके साथ अक्सर उनके मुस्तैद बॉडीगार्ड नजर आते रहे हैं। सितारों की फैन फॉलोइंग के चलते सुरक्षा की यह व्यवस्था करनी होती है क्योंकि अक्सर इनकी एक झलक देखने के लिए भीड़ बेकाबू हो जाती है। अक्सर देखा गया है कि इन सितारों के सार्वजनिक जगहों पर पहुंचते ही लोगों की भीड़ उन पर टूट पड़ती है और इसी भीड़ के बीच से कलाकारों को सुरक्षित निकालना और उन्हें सुरक्षा देने के काम इन बॉडीगार्ड का होता है। अक्सर पुरुष बॉडीगार्ड को ही इस काम के लिए लिया जाता था लेकिन पिछले कुछ सालों से महिलाओं को भी इस क्षेत्र में काम मिलने लगा था। धीरे-धीरे महिला बॉडीगार्ड्स की संख्या भी बढ़ रही थी लेकिन कोरोना और उसके बाद लंबे लॉकडाउन ने इन लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।
ये हैं शाहरुख से सोनम कपूर तक को सुरक्षा देने वालीं महिला बॉडीगार्ड, अब परिवार चलाने को भी नहीं है पैसे
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पहले के मुकाबले काम कम मिल रहा है
वैसे लॉकडाउन के बाद फिल्मों की शूटिंग शुरू हो गई है। इवेंट या सिटी टूर के जरिये फिल्मों का प्रचार तो नहीं हो रहा है लेकिन आउटडोर शूटिंग, ऐड फिल्म्स पर फिल्मी सितारों की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले बॉडीगार्ड और बाउंसर को पहले के मुकाबले कम लेकिन काम मिलना शुरू हुआ है। लेकिन इस इंडस्ट्री से जुड़ी महिलाओं को अभी भी काम का इंतजार करना पड़ रहा है। 42 वर्षीय फहमीदा अंसारी बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी महिला बॉडीगार्ड हैं।
बीबीसी हिंदी से खास बातचीत में वो कहती हैं, "पुरुषों के लिए काम आ रहा है लेकिन हम महिला बॉडीगार्ड के लिए काम बिलकुल नहीं आ रहा है जिसके चलते हमारी जिन्दगी परेशानियों से गुजर रही है और आने वाले दिनों तक यही हाल रहा तो हमारे लिए जीना मुश्किल हो जाएगा।"
17 साल से सिंगल हैं फहमीदा
फहमीदा अंसारी कहती हैं कि वो 17 साल से सिंगल मदर हैं। उन्होंने बताया, "मेरे एक्स हसबैंड ने कभी पलटकर अपनी बेटी का हाल तक नहीं पूछा। तब मैंने ये फैसला लिया कि मैं कभी दूसरी शादी नहीं करूंगी और अपनी बेटी की देखभाल अकेले ही करूंगी। मेरी एक दोस्त ने मुझे सलाह दी कि तुम फीमेल बॉडीगार्ड का काम करना चाहती हो। मैंने उसे हां कहा और फिल्मों के सेट पर काम करने लगी और फिल्मस्टार को गार्ड करने लगी।"
फहमीदा जीरो, सुपर 30, पद्मावत, मर्दानी, कलंक जैसी कई फिल्मों के अलावा बर्थडे पार्टी, सोनम कपूर की शादी से लेकर एक्ट्रेस की ऐड फिल्म्स सब को 24 घंटे सुरक्षा देने की जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।
'कई बार कलाकरों के लिए गालियां भी खानी पड़ती हैं'
पहले इस काम को सिर्फ मर्दों के लिए ही माना जाता था। फहमीदा दावा करती हैं कि इस काम के लिए महिलाओं को मौका सबसे पहले अभिनेता रोनित रॉय की कंपनी एसीई सिक्योरिटी एंड प्रोटेक्शन एजेंसी और रोनित रॉय के रिश्तेदार दीपक सिंह की कंपनी डोम सिक्योरिटी ने देना शुरू किया।
फहमीदा ने बताया, "उन्होंने हम पर विश्वास रखा और कई मौके दिए। अब इनके पास भी हमारे लिए काम नहीं है इसमें इनकी कोई गलती नहीं है क्योंकि जब फिल्म प्रोडक्शन हाउस ही हमें नहीं बुलाएगा तो ये हमें कैसे काम देंगे।"
लॉकडाउन के बाद काम के अवसरों के बारे में फहमीदा ने कहा, "केवल संजय लीला भंसाली जी ने हमें बुलाया और किसी और से अभी काम नहीं आया है। ऐसा लग रहा है कि कोरोना हम महिलाओं को ही होगा। ये तो गलत है। इस तरह तो हम भूखों मर जाएंगे। मेरे साथ और भी कई महिलाएं हैं जो रोज फोन करती हैं और पूछती हैं कि कुछ काम आया क्या? कुछ तो काम दिलवा दो हमें।"
फहमीदा की तरह जरीन रफीक शेख भी बॉलीवुड में पिछले चार सालों से बॉडीगार्ड का काम करती आ रही हैं। वो कहती हैं, "कई फिल्म जैसे सुपर-30, जीरो, छपाक, कलंक जैसी बड़ी फिल्मों की शूटिंग से लेकर उनके इवेंट के अलावा बड़ी-बड़ी पार्टियों का हिस्सा रह चुकी हूं।"
इस तरह के काम की चुनौतियों के बारे में जरीन ने बताया, "इस काम में जाने का तो समय होता है लेकिन आने का कोई समय नहीं होता। घंटों खड़े रहना होता है। जब स्टार्स अपनी फिल्मों के प्रमोशन के लिए मॉल जाते हैं तो वहां भीड़ बहुत होती है और हमारा काम होता है सितारों को उस भीड़ से सुरक्षित निकालना। कई बार लोग हमें धक्का देते हैं, कई बार हम लोगों पर गुस्सा करते हैं तो लोग हमें पलटकर गालियां भी देते हैं, हमें सहना होता है। लोग अपना प्यार दिखाने के लिए कलाकरों पर कुछ न कुछ फेंक देते हैं ऐसे में ये हमारा काम होता है कि उन्हें किसी भी तरह की कोई चोट ना लगे। इसका ध्यान भी रखना होता है कि कोई उनके साथ जबरदस्ती तस्वीरें ना खिंचवाए।"