निर्देशक शेखर कपूर ने सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या वाले मामले में अपना बयान दर्ज करवा दिया है। दरअसल, इस समय शेखर मुंबई में नहीं हैं इसलिए उन्होंने अपना बयान ईमेल के जरिए मुंबई पुलिस तक पहुंचाया है। अपने बयान में शेखर ने फिल्म 'पानी' को बनाने में आड़े आईं कई दिक्कतों का खुलासा किया है। शेखर ने कुछ बातें ऐसी भी बताई हैं जिनकी पुलिस को गहराई से जांच करने की जरूरत है। इसलिए, पुलिस ने शेखर को मुंबई आकर पूछताछ में सहयोग करने के लिए कहा है।
सुशांत सुसाइड केस: शेखर कपूर ने ईमेल के जरिए भेजा बयान, मुंबई पुलिस बोली- 'खुद भी आना होगा'
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शेखर ने अपने बयान में लिखा है, 'फिल्म 'पानी' मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट था लेकिन अब शायद सुशांत के चले जाने के बाद यह अधूरा ही रहेगा। वर्ष 2012 और 2013 के दौरान मैं इस मेगा बजट फिल्म के लिए आदित्य चोपड़ा से मिला था और यह तय हुआ था कि यह फिल्म 2014 से बनना शुरू होगी। फिल्म से हमें काफी उम्मीदें भी थीं। सुशांत से भी मेरी पहली मुलाकात यशराज फिल्म्स में ही हुई थी। हमने फिल्म के प्री प्रोडक्शन का काम शुरू कर दिया था और तय किया था कि अगले तीन-चार साल में यह फिल्म पूरी हो जाएगी।'
अपनी बात जारी रखते हुए शेखर ने लिखा, 'यशराज ने पांच से सात करोड़ रुपये इसके प्री प्रोडक्शन पर खर्च भी कर दिए थे और सुशांत ने फिल्म के लिए तारीखें भी तय कर ली थीं। फिल्म में सुशांत गोरा का किरदार निभाने वाले थे। वह किरदार के लिए इतने उत्साहित थे कि वर्कशॉप के दौरान उनका जुनून दिखाई देता था। फिल्म को लेकर मुलाकातों के दौरान वह मेरे साथ ही रहते थे इसलिए हम धीरे-धीरे दोस्त बन गए थे। हम आपस में निजी जिंदगी की बातें भी किया करते थे। इस फिल्म के चक्कर में सुशांत ने कई फिल्में छोड़ दी थीं।'
इस फिल्म के न बन पाने का कारण बताते हुए शेखर ने लिखा, 'इन सबके बीच अचानक से फिल्म के कंटेंट को लेकर मेरी निर्माता आदित्य चोपड़ा से थोड़ी अनबन होने लगी थी। हम एक दूसरे की बातों से सहमत नहीं हो पा रहे थे। वह फिल्म में कुछ बदलाव करना चाहते थे लेकिन ऐसा मैं नहीं चाहता था। इसी चक्कर में हम दोनों एक दूसरे से अलग हो गए और तय हुआ कि अब यह फिल्म नहीं बन पाएगी। जब इस बात का पता सुशांत को चला तो वह बुरी तरह टूट गए थे। इसका सबसे बड़ा कारण था कि वह मुझसे भी ज्यादा इस फिल्म में डूब चुके थे।'
शेखर ने अपने बयान में लिखा है कि वह इस फिल्म को बंद करने के बाद खुद भी टूट गए थे और सुशांत का भी बुरा हाल था। शेखर ने लिखा है कि फिल्म को बंद होने का सदमा सुशांत को इतना लगा था कि वह डिप्रेशन में जाने लग गए थे। शेखर ने लिखा, 'मैंने उन्हें संभालने की कोशिश की और समझाया भी। उस फिल्म को लेकर मैंने दूसरे निर्माताओं से भी बात की लेकिन इस फिल्म को कोई भी बनाने के लिए तैयार नहीं था। जो तैयार थे वह मेगा बजट होने की वजह से सुशांत पर दांव नहीं लगाना चाहते थे। यह बात सुशांत को और भी ज्यादा परेशान कर रही थी।'