फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अनुराग-तापसी के समर्थन में आई शिवसेना, 'सामना' में लिखा- ‘सरकार के खिलाफ बोलने की कीमत चुका रहे’

Fri, 05 Mar 2021 12:25 PM IST
shrilata biswas एंटरनेटमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरनेटमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: shrilata biswas Updated Fri, 05 Mar 2021 12:25 PM IST
विज्ञापन
Shiv sena mouthpiece saamana article on taapsee pannu and anurag kashyap properties raided
तापसी पन्नू, अनुराग कश्यप - फोटो : instagram/anuragkashyap10

तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप सहित फिल्म इंडस्ट्री की कई हस्तियों के परिसरों पर आयकर विभाग ने छापामारी की। इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। अब शिवसेना के मुखपत्र सामना में भी इस पर एक लेख छपा है। सामना में लिखा गया है कि तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप ने खुलकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ सवाल उठाए जिसकी वजह से ऐसा किया जा रहा है। वहीं कुछ लोग सरकार की चाटुकारिता में लगे हैं उन्हें सीधे लाभ पहुंचा गया।

Shiv sena mouthpiece saamana article on taapsee pannu and anurag kashyap properties raided
अनुराग कश्यप, तापसी पन्नू - फोटो : instagram/taapsee

सामना में क्या लिखा है-
केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी बात रखना देशद्रोह नहीं है। मोदी सरकार के खिलाफ बोलने वाले कलाकारों और फिल्म जगत से जुड़े निर्माता-निर्देशकों के यहां आयकर विभाग के छापे पड़ रहे हैं। इनमें मुख्य नाम तापसी पन्नू, अनुराग कश्यप, विकास बहल और मधु मंटेना हैं। मुंबई और पुणे में कुल 30 से ज्यादा ठिकानों पर छापे पड़े हैं।

Shiv sena mouthpiece saamana article on taapsee pannu and anurag kashyap properties raided
अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू - फोटो : instagram/taapsee

तापसी-अनुराग को कीमत चुकानी पड़ रही
तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप अपनी बात खुलकर रखने वालों में से हैं। यह सवाल इसलिए है कि हिंदी सिनेमा जगत का काम स्वच्छ और पारदर्शी है तो क्या केवल अपवाद तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप हैं। फिल्म जगत के कई कलाकारों ने किसानों का समर्थन तो नहीं किया बल्कि दुनिया भर से जो लोग किसानों का समर्थन कर रहे थे उनके बारे में कहा कि ये हमारे देश में दखलंदाजी है। वहीं तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप ने किसान आंदोलन के पक्ष में अपनी बात कही और उन्हें इसकी कीमत भी चुकानी पड़ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Shiv sena mouthpiece saamana article on taapsee pannu and anurag kashyap properties raided
तापसी पन्नू, अनुराग कश्यप - फोटो : instagram/taapsee, anuragkashyap10

कुछ लोग अलग मिट्टी के बने होते हैं
यह मामला उनके एक प्रोडक्शन हाउस के टैक्स से संबंधित है। 2011 के लेन देन को लेकर ये छापे पड़े हैं। आयकर विभाग की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े होते हैं और ऐसा लगता है कि कहीं कुछ तो गड़बड़ है। कार्रवाई करने के लिए उन्होंने केवल इन्हीं लोगों को क्यों चुना। सरकार के इशारों पर नाचना बोलना होता आया है लेकिन कुछ लोग स्वाभिमानी होते हैं और अलग मिट्टी के बने होते हैं।

विज्ञापन
Shiv sena mouthpiece saamana article on taapsee pannu and anurag kashyap properties raided
तापसी पन्नू - फोटो : instagram/taapsee

बाकी क्या धुले चावल की तरह साफ हैं
लॉकडाउन के दौरान बॉलीवुड ने कई मुश्किलें देखी हैं। फिल्म निर्माण बंद हो गए। थियेटर बंद हैं। एक बड़ा उद्योग आर्थिक संकट से गुजर रहा हो, वहां इस तरह से राजनीतिक बदला लेने के लिए कार्रवाई करना ठीक नहीं है। कई ऐसे कलाकार हैं जो मोदी सरकार की खुलकर चमचागिरी करते हैं। उन्हें सरकार से सीधे तौर पर लाभ भी मिलता है। उनका व्यवहार और लेन देन क्या धुले हुए चावल की तरह साफ है?

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed