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सिर्फ 3.5 लाख में श्याम रामसे ने बना दी थी पहली हॉरर फिल्म, जानें ऐसे ही कुछ रोचक तथ्य
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: shrilata biswas
Updated Wed, 18 Sep 2019 02:23 PM IST
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shyam ramsay
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हॉरर फिल्मों के जनक कहे जाने वाले श्याम रामसे का 67 साल की उम्र में निधन हो गया। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां बुधवार सुबह 5 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। श्याम रामसे के पिता पाकिस्तान के कराची के रहने वाले थे। विभाजन के बाद वो मुंबई आ गए।
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रामसे बदर्स के सात भाइयों में से एक श्याम रामसे थे, जिन्होंने हिंदी सिनेमा को भूत-प्रेत की कहानियों से पहचान करवाई। श्याम रामसे ने बड़े भाई तुलसी रामसे के साथ मिलकर 1972 में फिल्म बनाई जिसका नाम था 'दो गज जमीन के नीचे।'
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इस फिल्म की कहानी राजवंश नाम के एक वैज्ञानिक के इर्द-गिर्द घूमती है। राजवंश अंजलि नाम की एक लड़की से शादी करता है लेकिन वो सिर्फ पैसों के लिए अपने पति का इस्तेमाल करती है। अंजलि पैसों की खातिर अपने प्रेमी के साथ मिलकर राजवंश का कत्ल कर देती है। इसके बाद शुरू होता है असली हॉरर। फिल्म का क्लाइमेक्स देखने लायक है।
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इस फिल्म की रोचक बात यह है कि फिल्म केवल 40 दिन में शूट हुई थी। उस वक्त फिल्मों को पूरा होने में एक साल और 50 लाख रुपये लग जाते थे लेकिन 'दो गज जमीन के नीचे' केवल साढ़े तीन लाख रुपये में बनीं थी। रामसे ब्रदर्स ने तकरीबन 30 से ज्यादा हॉरर फिल्में बनाई हैं। इनमें से कुछ मशहूर फिल्में थीं- 'वीराना', 'पुराना मंदिर', 'पुरानी हवेली' और 'बंद दरवाजा'।
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फिल्म में अभिनेताओं द्वारा पहने गए कपड़े उनके खुद के थे। फिल्म से जरूरी जो भी सामान था, वो किराए पर लिया गया था। फिल्म हाउसफुल रही थी और इसने 45 लाख रुपये की कमाई की थी। 70 का दशक वो दौर था जब हिंदी सिनेमा लोगों के घर में अपनी पहचान बना रहा था। यही वो दौर था जब सदी के महानायक अमिताभ बच्चन सिनेमा की दुनिया को एक नए रूप से जोड़ने की कोशिश कर रहे थे। वहीं श्याम रामसे हॉरर फिल्म बनाकर सिनेमा में प्रयोग कर रहे थे और वो सफल रहे।
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