एक वक्त पर आकर मिथुन चक्रवर्ती ने बेशक खूब नाम और स्टारडम कमाया लेकिन कभी उन्होंने वो दिन भी देखे थे जब उन्हें इस बात की चिंता रहती थी कि क्या वो खाना भी खा पाएंगे या नहीं। ये वो दौर था जब फिल्मों में उनकी एंट्री नहीं हुई थी और वो स्टेज पर डांस करके अपनी जीविका कमा रहे थे।
फिल्मों में आने से पहले नक्सली थे मिथुन, भाई की मौत ने ऐसे बदल दी जिंदगी
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मिथुन पहले नक्सली थे लेकिन एक हादसे में भाई की मौत की वजह से उन्हें अपने परिवार के बीच लौटना पड़ा और यहीं से उनके ऊपर परिवार को संभालने की जिम्मेदारी आ गई। डांस का उन्हें बहुत शौक था और इसी के चलते उन्होंने स्टेज शोज से शुरूआत की।
इसके बाद उन्होंने एक्टिंग स्कूल में दाखिला लिया। वहां से निकलने के बाद मिथुन चक्रवर्ती को पहली फिल्म भी मिल गई।
दो-तीन सालों तक उन्हें फिल्में नहीं मिलीं और जो एकाध फिल्म मिली वो चली नहीं। मिथुन जी-तोड़ संघर्ष कर रहे थे लेकिन कुछ हो नहीं पा रहा था और इसी की चिंता में उनका डांस का जुनून भी दम तोड़ रहा था।
उन दिनों बॉलीवुड की कैबरे डांसर हेलेन का चार्म खूब चरम पर था। हर फिल्म में हेलेन का एक ना एक गाना रखा जाता था और वो हिट भी होता था। चूंकि फिल्मों के लिए मिथुन का संघर्ष जारी था इसलिए उन्होंने सोचा कि डांस के शौक को ही पूरा कर लिया जाए।
बस यही सोचकर वो हेलेन के असिस्टेंट बन गए। उन्होंने अपना नाम भी बदलकर राना रेज रख लिया ताकि कोई पहचान ना पाए।
और फिर मिथुन ने धीरे-धीरे ही सही, लेकिन जूनियर आर्टिस्ट से बॉलीवुड के डिस्को डांसर बन गए। अपने डांस और दमदार डायलॉग्स से मिथुन ने लोगों पर ऐसा जादू किया कि सभी उनके कायल हो गए।