अभिनेता रणदीप हुड्डा इन दिनों अपनी फिल्म 'स्वतंत्र वीर सावरकर' को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में रणदीप सावरकर के रोल में नजर आएंगे। फिल्म में अभिनय के साथ-साथ वह निर्देशन की कमान भी संभाल रहे हैं। बता दें कि विनायक दामोदर सावरकर की 140वीं जयंति के मौके पर यानि 28 मई को इस फिल्म का टीजर जारी किया गया, जिसे फैंस से जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिली। लेकिन, दूसरी ओर टीजर में किए गए विभिन्न दावों पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस के परिवार ने आपत्ति दर्ज की है।
Swantantrya Veer Savarkar: रणदीप ने कंट्रोवर्सी के लिए इतिहास से की छेड़छाड़? नेताजी के पोते ने लगाया आरोप
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बता दें कि टीजर में रणदीप हुड्डा ने वीर सावरकर को ऐसा स्वतंत्रता सेनानी बताया है, जिसकी ब्रिटिशों को सबसे ज्यादा तलाश थी। साथ ही यह भी दावा किया है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस, वीर सावरकर से प्रेरित थे। इसी बात पर स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने आपत्ति जताई है। उन्होंने रणदीप हुड्डा पर इतिहास को 'तोड़-मरोड़कर' पेश करने का आरोप लगाया है।
चंद्र कुमार बोस का कहना है, 'क्षमा करें मोस्ट वॉन्टेड नेता और स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे। वह एकमात्र फ्रंट-लाइन नेता थे और 18 अगस्त 1945 को हमारे देश की आजादी के लिए उन्होंने अपना बलिदान दे दिया था।' उनका कहना है, 'अपनी फिल्म में, हुड्डा ने दावा किया कि बोस, भगत सिंह और खुदीराम बोस जैसे साथी स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर से 'प्रेरित' थे। लेकिन, नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्वामी विवेकानंद से प्रेरित थे, जो उनके गुरु थे। इसके अलावा वह देशबंधु चितरंजन दास से प्रेरित थे, जो उनके राजनीतिक गुरु थे।'
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चंद्र कुमार बोस का कहना है कि 'वीर सावरकर एक महान शख्सियत थे, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट है कि नेताजी और सावरकर, दोनों व्यापक रूप से विपरीत थे। आखिर नेताजी सावरकर के सिद्धांतों और विचारधारा का पालन क्यों करेंगे? उन्होंने तो विरोध ही किया था।' चंद्र कुमार बोस ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के लिखे हुए को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था 'अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में सावरकर और मुहम्मद अली जिन्ना से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती'। नेताजी के पोते का दावा है कि बोस एक धर्मनिरपेक्ष नेता थे और उन्होंने न केवल सावरकर की विचारधारा का विरोध किया, बल्कि उन लोगों का भी विरोध किया जो 'सांप्रदायिक' थे।
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चंद्र कुमार बोस का कहना है कि रणदीप हुड्डा के दावे गलत हैं। उन्होंने रणदीप से भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सही और सच्चे इतिहास को पेश करने का आग्रह किया है। उनका कहना है, 'पर्दे पर इतिहास को गलत तरीके से पेश करना युवाओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय होगा।' बोस ने रणदीप हुड्डा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने कंट्रोवर्सी के लिए ऐसा किया है, ताकि उनकी फिल्म को कुछ फायदा मिले। साथ ही कहा कि गलत इतिहास पेश करना अपराध है। इतिहास के साथ छेड़छाड़ का अधिकार किसी को नहीं होना चाहिए।' बता दें कि रणदीप हुड्डा की यह फिल्म इस साल रिलीज होगी। फिल्म में अंकिता लोखंडे भी अहम रोल में हैं।
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