बहुमुखी प्रतिभा के धनी सुनील दत्त हिंदी सिनेमा की उन शख्सियतो में से हैं जिन्होंने सिनेमा के हर पहलू में अपना हाथ आजमाया। 6 जून 1929 को पैदा हुए सुनील दत्त ने अभिनय से लेकर फिल्म निर्माण और निर्देशन तक हर जगह अपनी मौजूदगी दर्ज की और सफल भी रहे। सिनेमा के बाद उन्होंने राजनीति में भी अपनी प्रतिभा और व्यक्तित्व का लोहा मनवाया। मनमोहन सरकार में युवा और खेल विभाग के मंत्री और दो बार सांसद रह चुके अभिनेता सुनील दत्त के जन्मदिन पर आइए जानते हैं कुछ फिल्मों के बारे में जो सुनील दत्त के सराहनीय काम के लिए हमेशा जानी जाएंगी...
B'Day Special: इन 10 किरदारों ने बनाया सुनील दत्त को दमदार अभिनेता, एक में तो बने अपनी पत्नी के बेटे
फिल्म: मदर इंडिया (1957)
महबूब खान के निर्देशन में बनी फिल्म मदर इंडिया को देश की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है। नरगिस, सुनील दत्त, राज कुमार और राजेंद्र कुमार जैसे सितारों से सजी इस फिल्म में सुनील दत्त ने बिरजू का किरदार निभाकर हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। इस फिल्म में सुनील दत्त ने पहली बार नरगिस के साथ काम किया और इसी के बाद से दोनों के बीच प्यार पनपा। मदर इंडिया ऑस्कर में जाने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। इसके साथ ही इस फिल्म ने फिल्मफेयर बेस्ट फिल्म सहित पांच फिल्मफेयर और दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीते।
किरदार: ठाकुर जरनैल सिंह
फिल्म: मुझे जीने दो (1963)
चंबल की घाटी में फिल्माई गई फिल्म मुझे जीने दो में सुनील दत्त ने डाकू ठाकुर जरनैल सिंह का किरदार निभाया। मौनी भट्टाचार्जी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सुनील दत्त के अलावा वहीदा रहमान, निरूपा रॉय, मुमताज और राजेंद्रनाथ मुख्य भूमिका में थे। जयदेव के संगीत से सजी यह फिल्म साल 1963 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म रही। इस फिल्म में सुनील दत्त ने गजब का अभिनय कौशल दिखाया। इस फिल्म में उम्दा फिल्म अभिनय के लिए सुनील दत्त को फिल्मफेयर बेस्ट ऐक्टर मेल का अवॉर्ड दिया गया।
किरदार: अनिल
फिल्म: यादें (1964)
1964 में सुनील दत्त के होम प्रोडक्शन में बनी फिल्म यादें को सुनील दत्त ने ही निर्देशित किया। सुनील दत्त के निर्देशन में बनी पहनी फिल्म यादें भारतीय सिनेमा के इतिहास की ऐसी पहली फिल्म थी जिसमें सिर्फ एक कलाकार पर पूरी फिल्म को फिल्माया गया। इस फिल्म में सुनील अपने बीवी बच्चों को याद कर खुद से बात करने वाले अनिल नाम के एक व्यक्ति का किरदार निभाया जो की काबिलेतारीफ था। इसके लिए इस फिल्म का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। 1964 के राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड्स में इस फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म के तौर पर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया गया।
किरदार: गोपीनाथ
फिल्म: मिलन (1967)
तेलुगू फिल्म मूगा मनसुलू की हिंदी रीमेक फिल्म मिलन को अदुर्थी सुब्बा रॉव ने निर्देशित किया था। पुनर्जन्म पर आधारित इस फिल्म में सुनील दत्त, नूतन, प्राण और जमुना मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म में सुनील दत्त ने गोपीनाथ का बेहतरीन किरदार निभाया इसके लिए सुनील दत्त को फिल्मफेयर बेस्ट ऐक्टर मेल के लिए नामित गया और बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा दिए जाने वाले बीएफजेए अवॉर्ड्स में सुनील को बेस्ट अभिनेता के तौर पर पुरस्कृत भी किया गया। कुल मिलाकर इस फिल्म ने तीन फिल्मफेयर और दो बीएफजेए अवॉर्ड जीते।
