भारतीय सिनेमा के बेहतरीन अभिनेता और फिल्म सोनचिड़िया में सुशांत सिंह राजपूत के साथी कलाकार रणवीर शौरी ने हिंदी सिनेमा को अपनी जागीर समझने वाले लोगों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्विटर पर एक के बाद एक लगातार ट्वीट करते हुए सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या करने को लेकर हिंदी सिनेमा के मठाधीशों को गैर जिम्मेदारी वाले एक चौकीदार की संज्ञा दी है।
रणवीर शौरी ने बॉलीवुड के स्वयंभू चौकीदारों पर उठाए सवाल, कहा, 'जिम्मेदारी कुछ नहीं, ताकत अथाह'
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उन्होंने हिंदी सिनेमा के बड़े बड़े निर्माताओं की तरफ इशारा करते हुए कहा है कि इन लोगों ने खुद को अपने आप बॉलीवुड का गेटकीपर तो नियुक्ति कर लिया है लेकिन इनकी जिम्मेदारी कोई नहीं है। युवा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या जैसे कदम उठाने से पूरा भारतीय सिनेमा शोक में डूबा हुआ है।
उनके इस कदम से आहत होकर रणवीर शौरी ने ट्विटर पर लिखा, 'उन्होंने जो कदम उठाया, वह उनका फैसला था। इसके लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। वह दुनिया के उस खेल में शामिल हो चुके थे जहां हार और जीत पूरी तरह से होती है। लेकिन इस बारे में उन लोगों को तो जरूर कुछ कहना चाहिए जिन्होंने खुद को अपने आप हिंदी सिनेमा का चौकीदार नियुक्त कर लिया है।'
It wouldn’t be fair to blame someone for a step that he took himself. He was playing a high stakes game, where it’s win or lose it all. But something has to be said about the self appointed ‘gatekeepers of Bollywood’. Something has to be said about the games they play, and their two facedness.
Something has to be said about the power they wield with zero accountability.
The power they derive from having inherited privilege in the business and the mainstream media sitting in their lap.
रणवीर की पोस्ट को पढ़कर लग रहा है कि इस घटना का उन पर गहरा असर हुआ है और वह हिंदी सिनेमा के आकाओं से बहुत नाराज हैं। उन्हें निशाने पर लेते हुए उन्होंने अपनी अगली पोस्ट में गुस्से में लिखा, 'उन्हें इस बारे में जरूर कुछ कहना चाहिए जो वह खेल खेल रहे हैं और उन्हें अपने दोगले पन के बारे में भी बताना चाहिए। उन्हें उस ताकत के बारे में भी बात करनी चाहिए जो उन्होंने जुटा रखी है लेकिन फिर भी कोई जिम्मेदारी नहीं है। ताकत का इस्तेमाल वह सिर्फ अपनी विरासत को आगे बढ़ाने में इस्तेमाल करते हैं और देश का मीडिया उनकी गोद में बैठा हुआ है।'
The power to decide who will be a “star” and who will be left out in the cold.
But of course, the coterie that owns the only high stakes table in the casino will never be questioned, because everyone is too busy enjoying the game.
Even if they know it’s fixed.
सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की खबर बाहर आने के कुछ समय बाद से ही हिंदी सिनेमा के जिम्मेदार लोगों पर सवाल उठना शुरू हो गए थे। कल से लेकर अब तक कंगना रनौत जैसे कई कलाकार बॉलीवुड में चल रहे वंशवाद पर सवाल उठा रहे हैं। रणवीर शौरी ने हिंदी सिनेमा के इस गंदे खेल पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा, 'बड़े लोगों की ताकत ही यह फैसला करती है कि यहां कौन स्टार बनेगा और कौन यहां से बाहर का रास्ता देखेगा। जब किसी कसीनो में जिस मेज पर सबसे बड़े लोग बैठकर दांव लगाते हैं और वहां कोई हारता है तो वहां कोई सवाल नहीं किया जा सकता। क्योंकि, उस समय बाकी सभी लोग अपना खेल खेलने में मस्त होते हैं। जबकि, हकीकत सभी जानते हैं कि यह खेल पहले से ही फिक्स है।' रणवीर शौरी और सुशांत सिंह राजपूत ने फिल्म सोनचिड़िया में साथ काम किया है।
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