बॉलीवुड के मशहूर संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' विवादों के बाद भी 25 जनवरी 2018 को रिलीज हो गई। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल का कारोबार कर रही हैं। सिर्फ इतना ही नहीं दर्शक दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर के एक्टिंग की तारीफ रते नजर आ रहे हैं। वहीं एक्ट्रेस स्वरा भास्कर फिल्म देखने के बाद भंसाली को ओपन लेटर लिखकर सुर्खियों में आ गई हैं। इसी बीच उनके एक बयान को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई है जिसमें स्वरा ने कहा है कि शत्रुओं द्वारा गुलाम बनाए जाने से अच्छा है कि आत्महत्या कर लें। यह बयान स्वरा की तरफ से चलाया जा रहा है जबकि असल में स्वरा ने ऐसा कहा ही नहीं है।
स्वरा भास्कर के नाम से वायरल हो रहा बयान, एक्ट्रेस ने कहा- माफी मांगो वरना कोर्ट जाऊंगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाल ही में ट्विटर यूजर हेमंत प्रताप सिंह ने स्वरा के नाम एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है- 'मैं बस यह कंफर्म करना चाहता हूं कि क्या यह बयान आपने दिया है जो मीडिया में आपके नाम से चल रहा है। मुझे बस इसका उत्तर दें जिससे मैं इसे फैलने से रोक सकूं'। उन्होंने जिस पोस्ट को शेयर किया है उसमें स्वरा भास्कर की ओर से एक स्टेटमेंट दिख रहा है। इसमें लिखा है कि एक आक्रमणकारी द्वारा गुलाम बनाए जाने से बेहतर आत्महत्या करना है। इस ट्वीट पर स्वरा ने अपना जवाब देते हुए कहा है कि यह बिल्कुल झूठ है। कृपया ऑफिशियल तौर पर माफी मांगे वरना कोर्ट भी जा सकते हैं।
This is a BLATANT LIE. @ShankhNaad pls publish an official apology or we can take this to court.. https://t.co/yJQe6UpX7l @ReallySwara Just I want to confirming you that have you to give such type of statement which is viral in social media........plz tell me to stop rumours pic.twitter.com/YTiyysIUDI
इससे पहले विवादों में घिरी फिल्म 'पद्मावत' पर एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने संजय लीला भंसाली के नाम एक ओपन लेटर लिखा था। इस लेटर में स्वरा ने जौहर और सती प्रथा को लेकर कहा था कि वह मात्र एक वजाइना होने के समान महसूस कर रही हैं। उनके इस लेटर पर अब तक कई बॉलीवुड हस्तियां अपनी प्रतिक्रियाएं दे चुके हैं। इस बात को लेकर पूरे मीडिया में तहलका मचा हुआ है।
आपको बता दें कि स्वरा ने अपना सुझाव रखते हुए खत में लिखा था कि क्या जौहर के बिना पद्मावती की जिंदगी नहीं चल सकती थी। क्या औरतों के वजाइना पर ही पुरुषों की नजर रहती है। क्या वजाइना के आगे औरतों की कोई जिंदगी नहीं होती। क्या रेप के बाद किसी महिला को जिंदगी जीने का अधिकार नहीं है। या फिर पुरुष को सिर्फ महिला का शरीर चाहिए और अगर महिला वह नहीं देना चाहती तो उसे मृत्यु को गले लगाना होगा। क्या महिलाओं के पास मृत्यु के अलावा और कोई ऑप्शन नहीं है।