स्वरा भास्कर की सोशल मीडिया पर छवि ट्विटर वॉरियर की है। वह बिंदास बोलती हैं। दमदार अभिनय करती हैं और खुद उनकी मानें तो डरती किसी से भी नहीं हैं। जल्द ही उनकी नई फिल्म 'जहां चार यार' रिलीज होने वाली है। परदे पर भी वह अपनी शख्सियत जैसे ही किरदार करती रही हैं, लेकिन पहली बार निर्माता विनोद बच्चन की फिल्म 'जहां चार यार' में वह एक दब्बू किस्म की महिला की भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं की दोस्ती पर बनने वाली फिल्मों का ट्रेंड वापस लाती दिख रही फिल्म 'जहां चार यार' के बारे में वह कहती भी हैं कि मुखर महिलाओं के किरदार निभा निभाकर वह भी बोर हो चुकी हैं और इस बार अपनी नानी से प्रेरित होकर यह किरदार उन्होंने किया है।
Swara Bhaskar: बायकॉट ट्रेंड पर स्वरा का सनसनीखेज खुलासा, ‘ये एक इंडस्ट्री है यहां ट्रोलिंग के पैसे मिलते हैं’
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुझे ट्विटर वॉरियर बना दिया गया
स्वरा भास्कर अक्सर सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखती हैं, इस वजह से उन्हें काफी ट्रोल भी किया जाता है। स्वरा कहती हैं, 'अब तक फिल्मों में मैंने दबंग टाइप की महिला के किरदार निभाए हैं। जहां 'अनारकली ऑफ आरा' और 'वीरे दी वेडिंग' दबंग टाइप के किरदार थे तो 'निल बट्टे सन्नाटा' में शांत महिला का किरदार होने के बावजूद वह दृढ़ निश्चय वाली महिला ही थी। इस किरदार को निभाने के लिए मैंने अपनी मां को ध्यान में रखा था। 'रांझणा' में एकदम से फायरिंग किरदार था। ट्विटर पर मेरी जो इमेज बनी हुई है, उससे मुझे ट्विटर वॉरियर कहा जाता है। ये जो इमेज बनी हुई है उसे तोड़ना बहुत जरूरी है इसीलिए मैंने फिल्म 'जहां चार यार' में शिवांगी का किरदार चुना।’
प्रोड्यूसर काम देने से घबराते हैं
मुंबई के तमाम फिल्म निर्माता डरे रहते हैं कि अगर स्वरा भास्कर को फिल्मों में ले लिया जाए तो कहीं उनकी फिल्मों का बायकॉट न शुरू हो जाए। वह कहती हैं, 'ऐसा कई बार हुआ है। लोग मुझे बोल चुके है कि सोशल मीडिया पर इस तरह से एक्टिव मत रहो, तुम्हारी इमेज खराब हो रही है। कास्टिंग डायरेक्टर बोल चुके है कि जब हम प्रोड्यूसर के पास जाते हैं तो बोलते है कि स्वरा भास्कर जैसी एक्ट्रेस चाहिए लेकिन मुझे कास्ट करने से घबराते हैं। मुझे ऐसा नहीं लगता कि मैंने कोई गैर जिम्मेदारी वाली बात कही है। मैं तो संविधान और इसके जो मूल आदर्श है उसी के बारे में बात करती हूं। लेकिन मैं यह भी सोचती हूं कि जो लोग चुप थे उनका कौन सा भला हो गया। बायकॉट वाले तो अक्षय कुमार को भी नहीं बख्श रहे।'
सोशल मीडिया पर शोर बहुत ज्यादा
बायकॉट मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए स्वरा भास्कर कहती हैं, 'बॉलीवुड को बर्बाद करने की एक इंडस्ट्री खड़ी हो गई है। ये ट्वीट और ट्रोल करने वालों को बाकायदे पैसे मिलते है। एक एक आदमी सौ सौ अकाउंट हैंडल करता है जिसमें एजेंसियां भी शामिल है। यह सबको पता है, इसमें कोई नई बात नहीं है। यह पूरी तरह से बनावटी और साजिश के तहत शोर मचाने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया की अपनी ताकत है। लोगों को लगता है कि ये सब सोशल मीडिया पर अपने आप हो रहा है लेकिन ऐसा है नहीं। सोशल मीडिया के दबाव में ही रिया चक्रवर्ती जेल गईं। सोशल मीडिया की वजह से अच्छा भी होता है। लेकिन, निशाना बनाकर शोर करना ज्यादा ही हो रहा है।'
फिल्म न चलने के कई कारण हो सकते हैं
थियेटर में फिल्में ना चलने की बात पर स्वरा भास्कर कहती हैं, 'फिल्म न चलने के कई कारण हो सकते है। लोगों का अपना स्वाद बदल रहा है। परिवार के साथ लोग थियेटर में फिल्में देखने से डर रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि लोगों के पास अभी पैसे भी नहीं है। हम आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कोविड के दौरान बहुत सारे लोगों ने दूसरों से उधार लेकर अपना काम चलाया। फ्लॉप फिल्मों की बातें सब कर रहे हैं लेकिन 'गंगूबाई कठियावाड़ी' और 'भूल भुलैया 2' जैसी फिल्में हिट भी तो हुई हैं, उनके बारे में कोई बात नहीं करता है। फिल्में हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है, आप देख लीजिए बिना फिल्मी संगीत के हमारे घरों में कोई कार्यक्रम नहीं होता है। उसका भी बहिष्कार होगा क्या?'