तानाजी...' पर खुलकर बोले अजय और काजोल, निजी जिदंगी के साथ ही जेएनयू हिंसा का भी किया जिक्र
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तानाजीजैसे योद्धा पर फिल्म बनाने का विचार कैसे आया?
स्कूल की किताबों में तानाजी पर एक छोटा सा अध्याय होता था। मैंने जब उनके बारे में जाना तो सोचा कि वो लोग कैसे होंगे, जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। उसी समय तय किया कि ऐसे योद्धा की कहानी सिर्फ एक राज्य की सीमा तक नहीं रहनी चाहिए। देश को यह पता चलना चाहिए कि ऐसे योद्धाओं ने कैसे बलिदान दिए हैं।
इस प्रकार के योद्धाओं पर आगे भी काम करने की योजना है?
ऐसे अनेक योद्धा हैं जिनकी कहानियों को और बड़े तौर पर बताए जाने की जरूरत है। अनसंग वॉरियर्स पर हमने सीरीज प्लान की है। ऐसा भी नहीं है कि ये बस युद्ध में लड़ने वाले योद्धा ही होंगे, हम देश और समाज के लिए किसी भी स्तर पर अपना योगदान देने वाले लोगों को इसमें शामिल करेंगे।
फिल्म की तकनीक पर क्या कहेंगे?
इस फिल्म की तकनीक शानदार है। हमने ऐसा करने की कोशिशें की हैं और अभी तक हुआ नहीं है। हॉलीवुड फिल्मों को अपनी तकनीक के लिए जाना जाता है, लेकिन हमने देश में शानदार और नवीनतम तकनीक का प्रयोग किया है, यह कहा जा सकता है कि ऐसे विजुअल देखे नहीं होंगे। 'शिवाय' की तकनीक में बहुत अच्छी थी, लेकिन यह फिल्म उससे भी दस कदम आगे है।
क्या फिल्म पर कोई विवाद भी है?
नहीं, तानाजी मालुसरे परिवार के वर्तमान वंशज हमारे साथ हैं।
आपकी यह 100वीं फिल्म है, 'फूल और कांटे' से लेकर अब तक कोई सबसे यादगार रोल?
कलाकार के लिए उसकी सभी फिल्में बच्चे की तरह होती हैं। किसी एक को चुनना आसान नहीं है पर लीजेंड ऑफ भगत सिंह और जख्म जैसी फिल्में दिल के करीब हैं।
एक्टर बनने से पहले इंडस्ट्री में कुछ ऐसा देखा हो जिसका जीवन में असर रहा हो?
जब मैं अपने पिता जी के साथ फिल्म के सेट पर जाता था तो देखता कि कई नामचीन कलाकार सेट पर देर से पहुंचते थे। कुछ लोग पीठ पीछे बुराई करते थे, लेकिन सामने आते ही आगे पीछे घूमने लगते थे। तभी तय किया कि जीवन में सच्चा रहूंगा, इसीलिए समय पर सेट पर पहुंचता हूं और समय पर ही निकल जाता हूं।
क्या कोई वेब सीरीज का भी प्लान है?
हां, इस पर काम चल रहा है। वेब सीरीज भी प्लान की हैं।
कई बड़े सितारों की पर्दे पर अपनी को-स्टार के साथ जोडि़यां बनी हैं, लेकिन अजय देवगन के साथ क्यो नहीं रहा?
मैंने रोमाटिंक फिल्में कम ही की हैं। कभी इस ओर ध्यान भी नहीं दिया। बस जैसे फिल्में मिलती गईं, वैसा ही काम करता रहा।
इस सवाल के जवाब में अजय ने खुलासा करते हुए कहा कि, 'हमारी आपसी समझ बहुत अच्छी है। देखा जाए तो इसे मोस्ट अनरोमांटिक कहा जा सकता है। हमने कभी एक-दूसरे को प्रपोज नहीं किया। पहले दोस्ती हुई और फिर शादी।'
क्या आगे चलकर प्रोडक्शन में ज्यादा हाथ आजमाएंगे और एक्टर अजय कम दिखेंगे?
नहीं ऐसा नहीं है, दोनों काम साथ-साथ चलते रहेंगे। 'चाणक्य' पर भी कुछ काम चल रहा है, एक दो प्रोजेक्ट दिमाग में हैं।
जेएनयू की हिंसा तकलीफदेह : देवगन
फिल्म अभिनेता अजय देवगन का कहना है कि जेएनयू में हुई हिंसा ठीक नहीं है। इस तरह के वाकयों से तकलीफ होती है। उन्होंने कहा कि वह सुबह से इस खबर पर ध्यान दिए हुए हैं, किसने किया, क्यों किया यह नहीं पता, पर हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती है। अजय ने कहा कि सारी बातें सही तरह से पता हुए बिना कुछ भी कहना तो उचित नहीं है। ऐसी बातों से देश को नुकसान पहुंचता है।