उत्तर प्रदेश के बिजनौर से कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें कैमरे के पीछे से एक व्यक्ति एक वृद्ध फल विक्रेता पर बोतल में गंदा पानी भरकर उसे केलों पर छिड़कने का आरोप लगा रहा है। जिसके बाद वृद्ध भी कान पकड़कर गलती मानता दिख रहा है। पाकिस्तानी मूल के कनाडाई लेखक तारिक फतेह ने वायरल वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा था कि मेरी कम्युनिटी को ये क्या हो गया है। हम मुस्लिम क्या बन गए हैं? इसके जवाब में जावेद अख्तर ने ट्वीट किया, जिसके बाद दोनों के बीच ट्वीटर पर वॉर शुरू हो गया।
जावेद अख्तर ने तारिक फतेह को बताया विश्व हिंदू परिषद का प्रवक्ता, ट्विटर पर छिड़ी जंग
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इस ट्वीट से नाराज गीतकार जावेद अख्तर ने जवाब में लिखा, 'क्या बकवास है। अगर कोई दिमागी बीमार व्यक्ति इस इरादे से किसी खास जगह जाएगा तो क्या वह सार्वजनिक रूप से इस तरह करेगा। क्या वह घर से बोतल में... भरकर नहीं लाएगा। आप इस बकवास पर कैसे यकीन कर सकते हैं। तारिक फतह आप अपना कॉमन सेंस इस्तेमाल करिए।'
What rubbish Even if some sick minded man will intend to commit such an act will he go to his targeted area n publicly fill the bottle instead of bringing a filled bottle. Can you give the name of the city area n the person Use your common sense Change your source of information
इस ट्वीट के बाद दोनों के बीच जंग छिड़ी गई। हाल ही में जावेद अख्तर ने ट्वीट करते हुए तारिक फतेह को विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता की बता दिया। उन्होंने ट्वीट किया, 'एक समय था जब मैं तारिक फतेह को उनकी बैखौफ लेखनी और ISIS जैसे संगठनों के खिलाफ निडर बोल के लिए उनकी इज्जत करता था, लेकिन अब वह विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं। मुझे उन पर दया आती है।'
इस पर जवाब देते हुए तारिक फतेह ने लिखा, 'आपने बता दिया कि खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वाले और उर्दू बोलने वाले अधिकांश मुसलमानों की त्वचा के नीचे हिंदुओं से नफरत करने वाला एक इस्लामिस्ट रहता है। जिस तरह से जिन्ना और इकबाल जिहादी बन गए उसी तरह आपका नाम भी हिंदुओं से नफरत करने वाले हॉल ऑफ फेम लिस्ट में शामिल किया जाएगा। मुबारक हो कामरेड।'
जावेद अख्तर ने एक और ट्वीट में लिखा, 'मुझे आश्चर्य है कि आप जैसी सोच वाला एक आदमी आठ साल तक सऊदी अरब में कैसे रहा। जाहिर है आपने उस परम प्रतिगामी राज्य के शासकों द्वारा दी गई गाइड लाइन्स का पालन किया होगा। क्या यह आपके विवेक को परेशान नहीं करता है?'