'शोले' भारतीय फिल्म उद्योग की सबसे सफल फिल्मों में से एक मानी जाती है। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पैसों की बरसात कर दी थी। इसका एक-एक डायलॉग फेमस हुआ था। पक्के दोस्तों को जय-वीरू कहा जाने लगा था। वैसे तो इस फिल्म से जुड़े कई किस्से हैं। बता दें कि फिल्म के निर्देशक रमेश सिप्पी को फिल्म के एक सीन को शूट करने में करीब तीन साल लग गए थे। इस बात का खुलासा खुद अमिताभ बच्चन ने अपने एक इंटरव्यू में किया था। फिल्म में अमिताभ के अलावा धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, जया बच्चन, संजीव कुमार, अमजद खान लीड रोल में थे। बता दें कि इस फिल्म में काम करने वाले कई स्टार्स अब इस दुनिया में नहीं है।
दिलचस्प: फिल्म शोले के इस तीन मिनट के सीन को शूट करने में लगे थे तीन साल, ये थी वजह
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शोले का कुल बजट तीन करोड़ रुपए था। उस समय सिर्फ 20 लाख रुपए में कास्टिंग हुई थी। बता दें कि 1975 में रिलीज हुई मशहूर बॉलीवुड फिल्म ‘शोले’ के निर्देशक रमेश सिप्पी ने बताया था कि उनके पास उस वक्त फिल्म बनाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे, और उन्हें इस काम के लिए अपने पिता श्री जीपी सिप्पी की मदद लेनी पड़ी थी।
पूरी फिल्म की शूटिंग कर्नाटक के बेंगलुरु और मैसूर के बीच स्थित पहाड़ियों से घिरे 'रामनगरम' में हुई थी। यहां के एक गांव को रामगढ़ की शक्ल दी गई थी। गौरतलब है कि शोले भारतीय सिनेमा की एक कालजयी फिल्म है। बीते कई दशकों में फिल्म की चमक वैसे ही बनी रही जो रिलीज के पहले दिन थी। अब यह फिल्म भले ही बड़े परदे पर कम लगती हो लेकिन छोटे परदे पर इसकी लोकप्रियता बनी हुई है।